ग्वालियर के शहीद जवान ने शहादत से पहले पत्नी से कहा: ‘ख्याल रखना, मैं ऊंचाई पर जा रहा हूं’, डोडा में हुई बलिदानी

फर्श से अर्श तक

ग्वालियर
 शहर का सपूत शैलेंद्र सिंह भदौरिया देश की रक्षा करते हुए जम्मू-कश्मीर में बलिदानी हो गया। डोडा जिले के भद्रवाह-चांबा मार्ग पर स्थित खानी टाप क्षेत्र में सेना की बुलेट प्रूफ बस गहरी खाई में गिर गई। इस हादसे में 10 जवान बलिदान हुए, जिनमें शैलेंद्र सिंह भदौरिया भी शामिल थे।

हादसे से पहले  रात शैलेंद्र ने फोन पर पत्नी शिवानी और बेटे भावेश से बात की थी। बातचीत के दौरान उन्होंने कहा था कि "ख्याल रखना, मैं ऊंचाई पर जा रहा हूं।" नेटवर्क की समस्या के कारण वीडियो कॉल पूरी नहीं हो सकी थी और कुछ देर बाद फोन कट गया। इसके बाद गुरुवार दोपहर उनकी यूनिट से बलिदान की सूचना स्वजनों को दी गई।

शव सेना द्वारा ग्वालियर लाया जा रहा

बलिदानी जवान का शव सेना द्वारा ग्वालियर लाया जा रहा है, जो शुक्रवार को पहुंचेगा। ग्वालियर में पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी जाएगी। इस दौरान सेना और स्थानीय पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।

शैलेंद्र सिंह भदौरिया, पिता हनुमंत सिंह भदौरिया, मूल रूप से भिंड जिले के निवासी थे। वर्ष 2007 में वे भारतीय सेना में भर्ती हुए थे और वर्तमान में भारतीय सेना की 4-आरआर यूनिट में हवलदार के पद पर पदस्थ थे। ग्वालियर के गोला का मंदिर स्थित पिंटो पार्क क्षेत्र की प्रीतम विहार कॉलोनी में उनका निवास है, जहां पिता, दो भाई, पत्नी और तीन बच्चे रहते हैं।

बलिदान की खबर मिलते ही ग्वालियर स्थित उनके घर पर रिश्तेदार, परिचित और सेना के अधिकारी पहुंचने लगे। पत्नी शिवानी बेसुध हो गईं। छह वर्षीय बेटा भावेश और बेटियां अक्षिता व राधिका का रो-रोकर बुरा हाल है। शैलेंद्र तीन भाइयों में मझले थे।

 

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry