CM सैनी ने कुरुक्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव में आहुति दी, 67 करोड़ की परियोजनाओं का उद्घाटन

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कुरुक्षेत्र 

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी शुक्रवार को कुरुक्षेत्र जिले में 2 बड़े कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए पहुंच चुके हैं। हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड की ओर से पिहोवा में चल रहे अंतरराष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव का आज बसंत पंचमी के मौके पर समापन हुआ.

समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री नायब सैनी पहुंचे। समापन के दौरान हवन यज्ञ का आयोजन किया गया, जिसमें CM ने खुद पहुंचकर पूर्णाहुति डाली। हालांकि महोत्सव में सरस मेला 25 जनवरी तक चलेगा। आज सिर्फ मुख्य कार्यक्रम का समापन होगा। सीएम नायब सैनी ने पिहोवा के सरस्वती तीर्थ पर भी पूजन किया।

67 करोड़ की परियोजनाओं का उद्घाटन

सीएम नायब सैनी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव संस्कृति के पुनर्जागरण का पर्व है। यह देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गौरव अभियान को आगे बढ़ाने की पहल है। उनके कुशल नेतृत्व में भारत आत्मनिर्भरता, साहस और संकल्प के पद पर गति से आगे बढ़ रहा है। नेताजी सुभाष चंद्र बोस और दीनबंधु चौधरी छोटी राम जैसे महापुरुषों के सपनों का भारत बनाने के गंभीर प्रयास को गति दे रहा है।

इससे पहले सीएम नायब सैनी ने 67 करोड़ रुपए से ज्यादा की 26 परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।

सरस्वती कोई काल्पनिक नदी नहीं

सीएम ने कहा कि पहले सरस्वती का पुनरुद्धार केवल एक कल्पना लगती थी, लेकिन आज सरस्वती नदी काे पुनर्जीवित करना सबके सामने है। अक्सर अतीत की बातों को केवल मिथक मान लिया जाता है, लेकिन हमारी सरकार ने इतिहास और विज्ञान के बीच सेतु बनाकर काम किया है। इसरो और ओएनजीसी साथ मिलकर काम कर रहे हैं। इन संस्थाओं के वैज्ञानिक ने अपने अध्ययनों ने यह साबित करके दिखाया है, सरस्वती कोई काल्पनिक नदी नहीं है।

आदि बद्री से लेकर गुजरात के कच्छ के तक जमीन के नीचे प्राचीन नदी का चैनल आज भी मौजूद है। हमारे वैज्ञानिकों ने इसे सिद्ध किया है।

सरस्वती नदी को विकसित करना लक्ष्य

ओएनजीसी की खुदाई और जलवायु विश्लेषण से पता चलता है कि सरस्वती का भूजल 5 हजार से 14 हजार वर्ष यह पुराना है। इसका संबंध हिमालय के ग्लेशियर से है। ये वैज्ञानिक प्रमाण हमारी आस्था का जीत-जागता उदाहरण है। साथ उन आलोचकों को जवाब है, जो हमारी संस्कृति को नकारते थे।

हमारा लक्ष्य सरस्वती को नदी के रूप में विकसित करना है। यह हमारी सरकार की प्राथमिकता है। हम सरस्वती तीर्थ को राष्ट्रीय पर्यटन के रूप में विकसित करने की कोशिश कर रहे हैं। इसमें कुरुक्षेत्र, हिसार, कैथल, फतेहाबाद और सिरसा जैसे प्रमुख ऐतिहासिक तीर्थ स्थल शामिल है।

जाट धर्मशाला में छोटू राम जयंती

बताया जा रहा है, सरस्वती महोत्सव के समापन के ठीक बाद CM नायब सैनी कुरुक्षेत्र की जाट धर्मशाला पहुंचेंगे। यहां दीन बंधू सर छोटूराम और सुभाष चंद्र बोस की स्मृति में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम रखा गया है। CM यहां चीफ गेस्ट के तौर पर हिस्सा लेंगे।

कल किया एस्ट्रोटर्फ का उद्घाटन

CM नायब सैनी कल गुरुवार को भी कुरुक्षेत्र में थे। कल उन्होंने कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में नए एस्ट्रोटर्फ का उद्घाटन किया। इसके अलावा, प्री-बजट मीटिंग में लोगों से सुझाव लिए। यह मीटिंग राज्य के आने वाले बजट को बेहतर बनाने के लिए थी, जहां आम लोगों की राय ली गई।

सरस्वती तीर्थ के जीर्णोद्धार की उम्मीद

पिहोवा का सरस्वती तीर्थ की मुक्ति धाम के नाम से पहचान है। मान्यता है कि यहां पिंडदान करने से पितरों को मोक्ष मिलता है। CM से तीर्थ के जीर्णोद्धार से जुड़ी की योजनाओं के ऐलान की उम्मीद है। इससे पर्यटकों के लिए सुविधा बढ़ने के साथ तीर्थाटन को बढ़ावा मिलेगा।

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