उज्जैन में हिंसक घटनाओं का सिलसिला, सुरक्षा बल सख्त मोड़ पर

मध्य प्रदेश राज्य

उज्जैन
मध्य प्रदेश के उज्जैन में एक बार फिर हिंसा भड़क उठी। गुरुवार शाम तोड़फोड़ और आगजनी के बाद लगातार दूसरे दिन शुक्रवार की दोपहर भी स्थिति बिगड़ गई। उपद्रवियों ने पथराव और आगजनी करके दोबारा माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। हालांकि, पुलिस ने तेजी से स्थिति को नियंत्रण में लिया और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
 
तराना तहसील में पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब राम मंदिर के पास सुखला गली में एक हिंदूवादी नेता सोहेल ठाकुर पर कुछ लोगों ने हमला कर दिया। इसके बाद यहां हंगामा बढ़ने लगा और शाम को कुछ लोगों ने पथराव और आगजनी कर दी। पुलिस ने किसी तरह स्थिति को काबू करते हुए बीएनएस की धारा 163 लागू कर दी थी।

शुक्रवार को बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने थाने का घेराव किया और वहां हनुमान चालीसा का पाठ किया। एक फरार आरोपी की गिरफ्तारी और उसके मकान पर बुलडोजर ऐक्शन की मांग को लेकर वे धरने पर बैठे थे। पुलिस ने उन्हें समझा-बुझाकर शांत किया। स्थानीय विधायक महेश परमार भी थाने पहुंचे और पुलिस से उचित कार्रवाई की मांग की।

दोपहर में फिर बवाल
दोपहर में एक बार फिर माहौल बिगड़ गया। अज्ञात लोगों ने बस स्टैंड के पास गुरुवार शाम तोड़फोड़ का शिकार हुई एक बस को आग के हवाले कर दिया। नई बाखल ताकिया कलीम इलाके में पथराव किया गया। एक मोटरसाइकिल को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। कुछ घरों के शीशे टूटे हैं। महिलाओं ने गाली-गलौच और बदसलूकी के आरोप लगाए।

लोग बोले- अचानक आई भीड़ और पथराव करके भागी
स्थानीय लोगों का कहना है कि 25-30 लोगों की भीड़ अचानक मोहल्ले में घुसी और तोड़फोड़ करते हुए निकल गई। सूचना पाते ही पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और स्थिति को नियंत्रण में लिया। पुलिस ने आरोपियों की पहचान शुरू कर दी है। इससे पहले पुलिस ने 5 लोगों को गिरफ्तार किया था। मुख्य आरोपी की पहचान कर ली गई है, लेकिन वह फरार है।

 

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