नई दिल्ली
गणतंत्र दिवस 2026 के मौके पर केंद्र सरकार ने गैलेंट्री अवॉर्ड और सेवा मेडल की घोषणा की है। इस बार पुलिस, फायर ब्रिगेड, होमगार्ड, सिविल डिफेंस और करेक्शनल सर्विस से जुड़े कुल 982 कर्मियों को उनके बेहतरीन काम के लिए सम्मानित किया जाएगा।
इनमें 125 वीरता पदक शामिल हैं। सबसे ज्यादा 45 वीरता पदक जम्मू-कश्मीर में तैनात जवानों को मिले हैं। इसके बाद नक्सल प्रभावित इलाकों में तैनात 35 और पूर्वोत्तर भारत में तैनात 5 कर्मियों को वीरता पदक दिया गया है। फायर ब्रिगेड के 4 जवानों को भी जान जोखिम में डालकर किए गए काम के लिए यह सम्मान मिला है।
आरजी कर केस की जांच करने वाले CBI अधिकारी को सम्मान
इन 982 पुरस्कारों में 101 प्रेसिडेंट मेडल और 756 मेरिटोरियस सर्विस मेडल भी शामिल हैं।
सबसे ज्यादा 33 वीरता पदक जम्मू-कश्मीर पुलिस को मिले हैं। इसके बाद महाराष्ट्र पुलिस को 31, उत्तर प्रदेश पुलिस को 18 और दिल्ली पुलिस को 14 मेडल दिए गए हैं।
केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में केवल CRPF को 12 वीरता पदक मिले हैं। वहीं CBI के 31 अधिकारियों को प्रेसिडेंट और मेरिटोरियस मेडल से सम्मानित किया गया है।
इनमें आरजी कर मेडिकल कॉलेज रेप-मर्डर केस की जांच करने वाले CBI के जॉइंट डायरेक्टर वी. चंद्रशेखर भी शामिल हैं। उन्होंने इस हाई-प्रोफाइल केस की जांच में अहम भूमिका निभाई थी।
किसे कितने मेडल मिले
125 वीरता पदक: 121 पुलिस कर्मी और 4 फायर ब्रिगेड कर्मी
101 प्रेसिडेंट मेडल: 89 पुलिस, 5 फायर ब्रिगेड, 3 सिविल डिफेंस/होमगार्ड और 4 करेक्शनल सर्विस
756 मेरिटोरियस सर्विस मेडल: 664 पुलिस, 34 फायर ब्रिगेड, 33 सिविल डिफेंस/होमगार्ड और 25 करेक्शनल सर्विस
जानिए इन अवॉर्ड्स का मतलब
वीरता पदक उन कर्मियों को दिया जाता है, जिन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना लोगों की जान-माल बचाई हो या अपराध रोकने में असाधारण साहस दिखाया हो।
प्रेसिडेंट सेवा मेडल लंबे समय तक बेहतरीन और अनुकरणीय सेवा के लिए दिया जाता है।
मेरिटोरियस सर्विस मेडल ईमानदारी और निष्ठा के साथ की गई उत्कृष्ट सेवा के लिए दिया जाता है।
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