तेजस MK1A की एंट्री करीब, 5 फाइटर जेट बढ़ाएंगे भारत की हवाई ताकत

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बेंगलुरु 

स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) Mk1A की डिलीवरी में लंबे समय से देरी हो रही थी. लेकिन अब हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने बड़ा अपडेट दिया है. HAL चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. डीके सुनील ने हाल ही में बताया कि पांच तेजस Mk1A विमान पूरी तरह तैयार हैं.

फायरिंग और मिसाइल ट्रायल्स भी सफलतापूर्वक पूरे हो चुके हैं. कंपनी भारतीय वायु सेना (IAF) से इनकी स्वीकृति के लिए जल्द बातचीत करेगी. इन्हें इस वित्तीय वर्ष में ही डिलीवर करने की तैयारी है.

इंजन सप्लाई की समस्या अब खत्म

पहले तेजस Mk1A की डिलीवरी में मुख्य समस्या GE Aerospace से F404 इंजन की सप्लाई में देरी थी. लेकिन अब इंजन उपलब्ध हैं. HAL ने पांच विमानों को इंजन फिट करके तैयार कर लिया है. HAL का कहना है कि ट्रायल्स के बाद बाकी कुछ छोटे टेस्ट भी जल्द पूरे हो जाएंगे. उसके बाद IAF को ये विमान सौंप दिए जाएंगे. 

वायु सेना की बढ़ती जरूरत और स्क्वाड्रन की कमी

भारतीय वायु सेना को नए लड़ाकू विमानों की सख्त जरूरत है. वर्तमान में IAF के पास स्वीकृत 42 फाइटर स्क्वाड्रन की बजाय सिर्फ 31 स्क्वाड्रन ही हैं. पुराने MiG-21 जैसे विमान रिटायर हो रहे हैं, जिससे लड़ाकू ताकत पर असर पड़ रहा है. एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने कई बार कहा है कि वे तेजस Mk1A का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. पिछले साल एयरो इंडिया में भी उन्होंने प्रोग्राम की धीमी गति पर खुलकर नाराजगी जताई थी.

तेजस Mk1A के आधुनिक फीचर्स

तेजस Mk1A पुराने Mk1 से काफी बेहतर है. इसमें AESA रडार, उन्नत इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम, बेहतर एवियोनिक्स और एयर-टू-एयर रिफ्यूलिंग की क्षमता है. ये फीचर्स इसे ज्यादा घातक और आधुनिक बनाते हैं. IAF के लिए ये विमान भविष्य की रीढ़ बनेंगे. HAL ने 83 तेजस Mk1A की डील पहले ही हासिल की है. कुल 180 तक के ऑर्डर हैं.

राफेल डील से बीच का रास्ता

तेजस की डिलीवरी में देरी के कारण वायु सेना ने फ्रांस से और राफेल लड़ाकू विमानों की डील पर बात शुरू की है. पहले 36 राफेल से वायु सेना की ताकत बहुत बढ़ी है. नई डील से स्क्वाड्रन की संख्या जल्दी बढ़ाई जा सकेगी, जब तक तेजस पूरे जोश से उत्पादन में नहीं आ जाता.

आत्मनिर्भर भारत के लिए महत्वपूर्ण कदम

स्वदेशी प्लेटफॉर्म जैसे तेजस लंबे समय में भारत को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाएंगे. लेकिन समय पर डिलीवरी सबसे जरूरी है. HAL का यह अपडेट दिखाता है कि प्रोग्राम अब सही ट्रैक पर है. अगर IAF संतुष्ट हुई और ट्रायल्स पूरे हुए, तो मार्च 2026 तक पहले पांच तेजस Mk1A वायु सेना में शामिल हो सकते हैं. 

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