श्योपुर
विजयपुर विधानसभा सीट को लेकर छिड़ी कानूनी लड़ाई अब निर्णायक दौर में पहुंच गई है। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर बेंच में पूर्व मंत्री रामनिवास रावत की चुनाव याचिका पर सुनवाई के दौरान नया अपडेट सामने आया है। कोर्ट ने मामले से जुड़े सभी गवाहों की गवाही दर्ज कर ली है।
अब इस हाई-प्रोफाइल चुनावी याचिका पर 17 फरवरी को अंतिम बहस होगी, जिसके बाद कोर्ट फैसला सुरक्षित कर सकता है।
कांग्रेस विधायक के निर्वाचन को चुनौती देने से जुड़ा है मामला
दरअसल यह मामला विजयपुर से कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा के निर्वाचन को चुनौती देने से जुड़ा है। पूर्व मंत्री रामनिवास रावत ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया है कि नामांकन दाखिल करते वक्त मुकेश मल्होत्रा ने अपने आपराधिक रिकॉर्ड से संबंधित अहम जानकारी छुपाई।
याचिका में दावा किया गया कि यदि सही और पूरी जानकारी सार्वजनिक होती, तो चुनाव परिणाम प्रभावित हो सकता था।
सभी गवाहों की गवाही दर्ज
हाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई बीते कई महीनों से चल रही है। दोनों पक्षों की ओर से गवाह पेश किए गए, दस्तावेज रखे गए और तथ्यों पर तीखी बहस हुई। कोर्ट ने एक-एक कर सभी गवाहों की गवाही दर्ज की।
क्या कह रहे हैं कानून के जानकार?
चुनाव कानून के जानकारों की मानें तो इस केस का असर सिर्फ विजयपुर सीट तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भविष्य में नामांकन प्रक्रिया को लेकर सख्ती बढ़ सकती है। विजयपुर की राजनीति पर नजर रखने वालों के लिए 17 फरवरी की तारीख बेहद अहम मानी जा रही है।
यदि कोर्ट आरोपों को गंभीर मानता है, तो विधायक की विधानसभा की सदस्यता पर संकट खड़ा हो सकता है। वहीं, फैसला याचिकाकर्ता के खिलाफ गया तो सियासी समीकरण पूरी तरह बदल सकते हैं। फिलहाल हाई कोर्ट में गवाही का अध्याय बंद हो चुका है। अब सबकी नजरें अंतिम बहस पर टिकी हैं।
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