रेल चोरी का गंभीर मामला: कोरबा में ब्रिज पार कर चोर ले गए भारी भरकम लोहे की सामग्री

छत्तीसगढ़ रायपुर

कोरबा 
 छत्तीसगढ़ में कबाड़ के अवैध कारोबार से जुड़े गिरोह लगातार सक्रिय होते जा रहे हैं। कोरबा जिले में पहले ब्रिज से भारी मात्रा में लोहा चोरी होने के बाद अब चोरों ने कुसमुंडा–जटगा के बीच निर्माणाधीन रेल लाइन को निशाना बनाया है। चोर रेलवे पटरी काटकर ले गए हैं और भारी मशीनरी को नुकसान पहुंचाते हुए करीब दो करोड़ रुपये के लोहे पर हाथ साफ कर दिया है।

जानकारी के अनुसार गेवरा–पेंड्रा नई रेल लाइन परियोजना के तहत उरगा से पेंड्रा तक करीब 140 किलोमीटर में पटरी बिछाने का कार्य चल रहा है। इसी दौरान कुसमुंडा से कुचेना जटगा के बीच लगभग 60 से 65 किलोमीटर के क्षेत्र में रेल पटरी, लोहे की प्लेटें और अन्य सामग्री गायब पाई गई। बताया जा रहा है कि चोरी की घटनाओं को अलग-अलग दिनों में अंजाम दिया गया।

इससे पहले भी कोरबा जिले में ब्रिज से करीब 30 टन लोहे की चोरी की जा चुकी है, जिससे कबाड़ माफिया के संगठित नेटवर्क की आशंका और गहराती जा रही है। ताजा मामले में चोरों ने निर्माण स्थल पर खड़ी एक हाइड्रा मशीन के शीशे भी तोड़ दिए, जिससे मशीनरी को नुकसान हुआ है।

रेल लाइन बिछाने का कार्य कर रही शिवाकृति प्राइवेट कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर एस. कुमार जांगिड़ ने बताया कि बांकी मोंगरा और कटघोरा थाना क्षेत्र में चोरी गए सामान की अनुमानित कीमत करीब दो करोड़ रुपये है। लगातार हो रही चोरी के बाद पूरे क्षेत्र में सर्वे कराया जा रहा है और संबंधित थानों में शिकायत दर्ज कराई गई है।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले ने बताया कि शिवाकृति प्राइवेट कंपनी द्वारा उरगा से पेंड्रा तक रेल लाइन निर्माण का कार्य किया जा रहा है। इससे पहले उरगा इलाके में भी चोरी की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। हाल ही में कुसमुंडा से लगभग 65 किलोमीटर दूर रेल लाइन निर्माण सामग्री चोरी होने की शिकायत मिली है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और घटनास्थलों का निरीक्षण किया जा रहा है।

लगातार हो रही इस तरह की वारदातों से न केवल करोड़ों की सरकारी और निजी संपत्ति को नुकसान हो रहा है, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस अब संगठित कबाड़ गिरोह की तलाश में जुटी हुई है।

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