तकनीक के दौर में श्रमिक संरक्षण: राज्य स्तरीय लैब-राइट कार्यशाला में डिजिटल सुरक्षा पर मंथन

छत्तीसगढ़ रायपुर

रायपुर.

श्रम विभाग की राज्य स्तरीय ‘लैब-राइट’ कार्यशाला संपन्न, डिजिटल सुरक्षा और एआई पर केंद्रित रहा सत्र

छत्तीसगढ़ शासन के श्रम विभाग द्वारा इंडस एक्शन के सहयोग से आयोजित “लैब-राइट” कार्यशाला श्रृंखला के अंतर्गत आज एकदिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम अपर श्रम आयुक्त  सविता मिश्रा, उप श्रम आयुक्त श्री एस. एस. पैकरा और श्री डी.पी. तिवारी सहित छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल के वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। उल्लेखनीय है कि इस महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत 20 नवंबर 2025 को की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य जिला श्रम अधिकारियों और श्रम निरीक्षकों को डिजिटल युग की चुनौतियों के लिए तैयार करना है।

कार्यशाला के दौरान गैर-तकनीकी उपयोगकर्ताओं को डेटा सुरक्षा प्रणाली से परिचित कराने हेतु विशेष सत्र आयोजित किए गए। विधि एवं नीति विशेषज्ञ श्री के के प्रह्लाद ने सहभागितापूर्ण गतिविधियों के माध्यम से डेटा संरक्षण और गोपनीयता जैसे विषयों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि किस प्रकार मोबाइल नंबर, ईमेल और लोकेशन जैसी व्यक्तिगत जानकारियां दैनिक जीवन में साझा होती हैं और उनके दुरुपयोग की क्या संभावनाएं हो सकती हैं। सत्र में विशेष रूप से डेटा साझा करने, सहमति लेने और डेटा ब्रीच जैसी स्थितियों में विभागीय सावधानियों पर गहन चर्चा की गई।

तकनीकी सत्रों में प्रतिभागियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की आधारभूत जानकारी, एलिजिबिलिटी इंजन और मोबाइल ऐप के व्यावहारिक उपयोग के बारे में प्रशिक्षित किया गया। इसके साथ ही ई-केवाईसी की प्रक्रिया, नवीन विभागीय पोर्टल की विशेषताओं और आवेदनों के त्वरित निराकरण हेतु अपनाई जाने वाली नई कार्यप्रणालियों का पुनरावलोकन किया गया। कार्यशाला में उपस्थित अधिकारियों ने श्रम योजनाओं के सरलीकरण और पारदर्शिता बढ़ाने हेतु अपने बहुमूल्य सुझाव और फीडबैक भी साझा किए। यह आयोजन राज्य में श्रमिक सेवाओं को पूरी तरह तकनीक-सक्षम और सुलभ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

 

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