सेलेक्शन कमेटी सख्त: मनप्रीत और दो अन्य खिलाड़ी बाहर, नई रणनीति के संकेत

खेल

नई दिल्ली
भारतीय पुरूष हॉकी टीम के अनुभवी मिडफील्डर मनप्रीत सिंह समेत तीन खिलाड़ियों को प्रो लीग के आगामी सत्र से पहले संभावित खिलाड़ियों की सूची से बाहर के फैसला पर भले ही कई को हैरानी हुई हो लेकिन सूत्रों के अनुसार यह फैसला पिछले साल दिसंबर में दक्षिण अफ्रीका दौरे पर ही ‘अनुशासनात्मक’ कारणों से ले लिया गया था।

ऐसी अटकलें लगाई जा रही थी कि किसी भारतीय खिलाड़ी के सर्वाधिक अंतरराष्ट्रीय मैचों का हॉकी इंडिया अध्यक्ष दिलीप टिर्की के (412) रिकॉर्ड की बराबरी से रोकने के लिये मनप्रीत को बाहर किया गया है। मनप्रीत इस रिकॉर्ड से एक मैच दूर हैं।

टीम के करीबी सूत्रों ने हालांकि बताया कि मनप्रीत सिंह, दिलप्रीत सिंह और गोलकीपर कृशन बहादुर पाठक को बाहर करने का फैसला पिछले साल दिसंबर में दक्षिण अफ्रीका दौरे पर ही ले लिया गया था। भारतीय टीम ने दक्षिण अफ्रीका में सात से दस दिसंबर 2025 के बीच दो टेस्ट और एक नुमाइशी मैच खेले थे।

सूत्रों ने कहा, ‘दक्षिण अफ्रीका दौरे पर अनुशासनहीनता का एक गंभीर मामला प्रकाश में आया था जब एक खिलाड़ी टीम बैठक से गायब था और बाद में पता चला कि उसे मनप्रीत , दिलप्रीत और पाठक ने कथित तौर पर प्रतिबंधित पदार्थ वाली च्युइंग गम खिलाई थी जिससे वह बेहोश हो गया और पूरी रात उसे संभालना पड़ा। अगली सुबह वह टीम बैठक में भी नहीं जा सका।’

उन्होंने आगे कहा, ‘खिलाड़ियों ने अपने साथी खिलाड़ी को प्रतिबंधित पदार्थ खिलाने के लिये बाद में माफी मांगी लेकिन टीम बैठक में तब ही उन्हें आगामी शिविर से बाहर रखने का फैसला सुना दिया गया था।’ यह भी पता चला है कि कोच क्रेग फुल्टोन की ओर से घटना की कोई लिखित रिपोर्ट हॉकी इंडिया को नहीं दी गई है।

राउरकेला में अगले महीने होने वाले प्रो लीग के आगामी सत्र के लिये हॉकी इंडिया ने गुरुवार को संभावित खिलाड़ियों की सूची जारी की जिसमें कोच ने कहा कि कार्यभार प्रबंधन के लिये कुछ सीनियर खिलाड़ियों को आराम दिया गया है। राउरकेला में 10 से 15 फरवरी तक होने वाले एफआईएच प्रो लीग मैचों से पहले एक से सात फरवरी तक यह शिविर आयोजित किया जाएगा।

मनप्रीत की सह कप्तानी में रांची रॉयल्स टीम हॉकी इंडिया लीग के फाइनल में पहुंची थी और टूर्नामेंट में उनका प्रदर्शन भी काबिले तारीफ रहा जिससे उन्हें बाहर किये जाने को लेकर सवाल उठने लाजमी हैं। वहीं कृशन और दिलप्रीत एचआईएल जीतने वाली कलिंगा लांसर्स टीम का हिस्सा थे।

दो ओलंपिक कांस्य पदक विजेता टीमों के सदस्य और 33 वर्षीय पूर्व भारतीय कप्तान मनप्रीत 15 वर्षों में पहली बार शिविर के लिए संभावित खिलाड़ियों की सूची में जगह नहीं बना पाए हैं।

 

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