गुटखा और सिगरेट छोड़ें आसानी से, MP के सरकारी अस्पतालों में मुफ्त निकोटिन गम उपलब्ध

मध्य प्रदेश राज्य

शहडोल
 शहडोल जिले के तीन अस्पतालों में उन लोगों के लिए एक नई सुविधा चालू की गई है, जो तंबाकू-गुटका और सिगरेट जैसे नशे को छोड़ना चाहते है। जिला अस्पताल सहित सिविल अस्पताल ब्यौहारी और जयसिंहनगर में एनआरटी च्युइंग गम (निकोटीन रिप्लेसमेंट थैरेपी) का मरीजों को निश्शुल्क वितरण किया जा रहा है।

प्रदेश स्तर से स्वास्थ्य विभाग ने शहडोल सहित प्रदेश के अन्य जिलों के आधा सैकड़ा अस्पतालों में यह सुविधा चालू की है, जिसमें सभी जिला और सिविल अस्पताल शामिल हैं। इस कार्य के लिए ओपीडी में अलग से डॉक्टर, नर्सिंग ऑफिसर व अन्य अमले की तैनाती की गई है, जो व्यक्ति तंबाकू-गुटका, सिगरेट छोड़ना चाहता है, इन सरकारी अस्पतालों में जाकर च्युइंग गम प्राप्त कर सकता है।

यहां च्युइंग गम देने के साथ डॉक्टरों द्वारा कांउसलिंग भी की जा रही है, ताकि नशे की लत से लोगों को छुटकारा दिलाया जा सके। हालांकि योजना के प्रचार-प्रसार के अभाव में अभी लोग कम संख्या में अस्पतालों में पहुंच रहे हैं।
नशे से मिल रहा छुटकारा

तीनों अस्पतालों में अब 200 से ज्यादा लोग च्युइंग गम ले चुके हैं और नियमित ले भी रहे हैं। अब तीन हजार च्युइंग गम का वितरण किया जा चुका है। इनमें से अधिकांश का कहना है कि च्युइंग गम का इस्तेमाल शुरू करने के बाद तंबाकू की लत से वे दूर हो रहे हैं।

कई लोगों ने यह बताया कि शुरू में दो-चार दिन थोड़ा अजीब लगता है, लेकिन डॉक्टरों से लगातार संपर्क रहते हुए च्युइंग गम चबा रहे है, जिससे नशे से छुटकारा मिल रहा है। जब भी तंबाकू, गुटका और सिगरेट लेने की इच्छा होती है, तो उसके स्थान पर च्युइंग गम ले रहे हैं।
इस्तेमाल से नशे से मिलेगा छुटकारा

आरएमओ जिला अस्पताल डॉ. पुनीत श्रीवास्तव ने बताया कि तंबाकू में निकोटीन पदार्थ होता है जो बहुत अधिक एडिक्ट है। निकोटीन पोलेक्रीलेक्स च्यूइंगगम निकोटीन रिप्लेसमेंट थैरेपी (एनआरटी) का एक रूप है। इसमें निकोटीन होता है, लेकिन तंबाकू के अन्य टाक्सिक कैमिकल जैसे टार और कार्बन मोनोक्साइड नहीं होते हैं।

इसका इस्तेमाल धूम्रपान छोड़ने और धूम्रपान छोड़ने पर होने वाली परेशानियों जैसे असुविधाजनक विथड्रावल इफेक्ट और क्रेविंग को कम करने में मदद करने के लिए किया जाता है। यह दवा कई वर्षों से लोगों को धूम्रपान छोड़ने में मदद कर रही है और अगर काउंसलिंग जैसी अन्य सहायता ली जाए तो यह और अधिक प्रभावी है। इसे इलाज के रूप में अनेक सप्ताह तक लिया जा सकता है। जिला अस्पताल में काउंसलिंग के साथ दवा निश्शुल्क दी जा रही है।
सरकार ने नशा मुक्ति के लिए शुरू किया प्रयोग

    शहडोल जिला अस्पताल सहित दोनों सिविल अस्पताल में एनआरटी च्युइंग गम निश्शुल्क दी जा रही है। तंबाकू जैसे नशा को छोड़ने में यह च्युइंग गम कारगर साबित होगी। इसका सेवन कुछ दिन तक नियमित करने से फायदा मिलेगा। सरकार ने नशा मुक्ति के लिए यह प्रयोग पूरे प्रदेश में शुरू किया है। – डॉ. राजेश मिश्रा सीएमएचओ शहडोल।

 

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