अखिलेश के PDA फॉर्मूले पर स्वामी प्रसाद मौर्य का हमला — ये प्रतिनिधित्व नहीं, भ्रम की राजनीति

उत्तर प्रदेश राज्य

लखीमपुर खीरी
संत रविदास जयंती के अवसर पर लखीमपुर खीरी पहुंचे पूर्व मंत्री और राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी (RSSP) के अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने इस दौरान समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के पीडीए (PDA) फॉर्मूले पर तंज कसते हुए डिंपल यादव को लेकर टिप्पणी कर दी। एक कार्यक्रम में बोलते हुए मौर्य ने कहा कि अखिलेश यादव पीडीए का अर्थ समय-समय पर अपने अनुसार बदलते रहते हैं। उन्होंने कहा कि कभी 'P' का मतलब पिछड़ा बताया जाता है तो कभी पंडित, कभी 'A' को अगड़ा कहा जाता है तो कभी अल्पसंख्यक। इसी क्रम में उन्होंने 'D' को लेकर टिप्पणी करते हुए कहा कि कभी 'D' को दलित बताया जाता है और कभी वही 'D' डिंपल यादव बन जाता है।
 
मौर्य ने आगे कहा कि पीडीए फॉर्मूला सिर्फ धोखाहै और जनता को भ्रमित करने की कोशिश है। स्वामी प्रसाद मौर्य की टिप्पणी को लेकर समाजवादी पार्टी समर्थकों में नाराजगी देखी जा रही है। कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इसे महिलाओं के सम्मान से जोड़ते हुए आपत्तिजनक करार दिया है। वहीं विपक्षी दलों ने भी कहा कि इस तरह की टिप्पणियां राजनीति का स्तर गिराती हैं और सार्वजनिक मंचों पर नेताओं को संयम बरतना चाहिए।

हालांकि, इस पूरे मामले पर अभी तक अखिलेश यादव या डिंपल यादव की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन बयान के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई बहस जरूर छिड़ गई है और सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। इससे पहले बीजेपी भी पीडीए की परिभाषा को लेकर अखिलेश को घेरती रही है।

 

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