रण उत्सव की तर्ज पर सिंहस्थ 2028 में उज्जैन में विकसित होगी टेंट सिटी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मध्य प्रदेश राज्य

प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में कच्छ का रण उत्सव बना भारत की सांस्कृतिक पहचान और पर्यटन क्षमता का वैश्विक प्रतीक
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रण उत्सव में की सहभागिता

भोपाल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रारंभ हुआ गुजरात में रण ऑफ कच्छ का 'रण उत्सव' आज भारत की सांस्कृतिक पहचान और पर्यटन क्षमता का वैश्विक प्रतीक बन चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भव्य 'रण उत्सव' में सहभागिता कर विश्व स्तरीय टेंट सिटी की व्यवस्थाओं का अवलोकन करने के बाद कहा कि जहां कभी बंजर भूमि थी, वहां आज किसानों की सहभागिता से पर्यटन, आजीविका और विकास का मॉडल खड़ा हुआ है, जिसे दुनिया देख रही है। लोक कलाकारों की जीवंत प्रस्तुतियां और गुजरात की समृद्ध संस्कृति, इस उत्सव को विशिष्ट पहचान देती हैं। यह प्रेरक उदाहरण है। उज्जैन में वर्ष-2028 में आयोजित होने वाले 'सिंहस्थ' में 'रण उत्सव' की तर्ज पर टेंट सिटी विकसित की जाएगी। साथ ही, मध्यप्रदेश में जहां पर्यटकों की संख्या अधिक है, वहां भी टेंट सिटी की योजना पर कार्य किया जाएगा। इससे स्थानीय स्तर पर लोगों को रोजगार मिलेगा और किसान भी लाभान्वित होंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भुज में स्थित 'स्मृति वन', जो भूकंप पीड़ितों की स्मृतियों को सहेजता है, वह संवेदना और संकल्प का प्रतीक है। इसी भावना के साथ भोपाल में भी यूनियन कार्बाइड त्रासदी के पीड़ितों की स्मृति में एक समर्पित संग्रहालय विकसित करने की भी योजना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी का विजन ही नए भारत की सशक्त पहचान है।

 

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