महाकाल के दर्शन पर अलका लांबा, बोलीं—हमारी पहचान नाम से नहीं, काम से है

मध्य प्रदेश राज्य

उज्जैन 
अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की अध्यक्ष अलका लांबा बाबा महाकाल के दर्शन के लिए उज्जैन पहुंचीं। उन्होंने श्री महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन कर भगवान महाकाल का आशीर्वाद लिया। अलका लांबा ने महाकाल मंदिर में पहले नंदी हाल और फिर देहरी से भगवान महाकाल के दर्शन किए। इसके बाद उन्होंने नंदी मंडपम में बैठकर ध्यान लगाया। धार्मिक वातावरण के बीच उनका दौरा आध्यात्मिक दिखा, लेकिन बाहर निकलते ही सुर सियासी हो गए।

मीडिया से चर्चा में लांबा ने नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और राज्य सरकार को निशाने पर लिया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि नाम में “भगवान” जोड़ लेना काफी नहीं, असली पहचान काम से होती है। उनके मुताबिक, आज प्रदेश में कुछ नेताओं के काम समाज को जोड़ने के बजाय तोड़ने वाले नजर आ रहे हैं। उन्होंने भगवान शिव के नीलकंठ स्वरूप का उदाहरण देते हुए कहा कि शिव ने सृष्टि बचाने के लिए विष पिया था, लेकिन आज के कुछ सत्ताधारी समाज में जहर घोलने का काम कर रहे हैं। उनका आरोप था कि इस तरह की भाषा और राजनीति लोगों के बीच नफरत बढ़ा रही है। लांबा ने यात्रा के दौरान देखी एक घटना का जिक्र करते हुए और गंभीर सवाल उठाए।

उनका कहना था कि इंदौर से उज्जैन आते समय उन्होंने एक ऑटो पर ऐसा प्रचार देखा जिसमें एक ऐसे दोषी अपराधी का महिमामंडन किया गया था, जिसे नाबालिग बेटियों से जुड़े जघन्य अपराधों में सजा हो चुकी है। इसे उन्होंने बेहद शर्मनाक बताते हुए कहा कि अपराधियों को हीरो बनाकर पेश करना महिलाओं की सुरक्षा के लिए खतरनाक सोच है। महिला कांग्रेस की नेता ने साफ कहा कि उनकी पार्टी ऐसी मानसिकता के खिलाफ लगातार आवाज उठाएगी और समाज में अपराधियों की छवि चमकाने की कोशिशों का विरोध करेगी। धार्मिक यात्रा के बहाने शुरू हुआ यह दौरा, आखिरकार प्रदेश की सियासत में तीखा संदेश छोड़ गया।

 

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