छतरपुर
मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में स्थित बागेश्वर धाम के कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि संतों के विवाद पर बोलने की हैसियत हमारी नहीं है, लेकिन साधु आपस में लड़कर जो निंदा कर रहे हैं, वह सनातन के लिए घातक है।
सोमवार को इंदौर एयरपोर्ट पर पत्रकारों से चर्चा करते हुए उन्होंने यह भी कहा कि हम अब तक संत नहीं बन पाए हैं क्योंकि हम आचरण से संत बनना चाहते हैं। ऐसी बात से हमारी ही हंसी होती है।
दूसरों की निंदा करने की बजाय सनातनियों को स्वयं में सुधार करने की आवश्यकता है। सनातन परंपरा अमिट रहेगी और इसे कोई मिटा नहीं सकता है। पंडित धीरेंद्र शास्त्री एक दिवसीय प्रवचन में शामिल होने के लिए मोहनखेड़ा जैन तीर्थ पहुंचे थे।
इंदौर में मीडिया के सवालों का जवाब देते कहा कि आज नए मंदिर तो खूब बनाए जा रहे, लेकिन पुराने मंदिरों का जीर्णोद्धार नहीं किया जा रहा।
पुराने मंदिरों का जीर्णोद्धार कर इनका वैभव लौटाए जाने की जरूरत है। उन्होंने बलि प्रथा को दूर करने की आवश्यकता बताई। साथ ही कहा कि हमारे तीर्थ, देवालय आस्था का केंद्र बनने के बजाये पिकनिक स्पॉट बन रहे हैं। यह उचित नहीं है।
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