25 वार्ड सदस्य चुनेंगे जिला परिषद प्रमुख, खैरथल-तिजारा में 180 बनेंगे सरंपच

राज्य

खैरथल.

नवगठित खैरथल-तिजारा जिले में जिला परिषद के वार्डों का गठन पूर्ण हो जाने के साथ ही जिले के प्रशासनिक और लोकतांत्रिक ढांचे को स्पष्ट आकार मिल गया है। अलवर जिले से पृथक होकर बने इस नए जिले में पहली बार अपना जिला प्रमुख चुना जाएगा, जो जिले के विकास की दिशा और दशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।

जिला कलक्टर खैरथल-तिजारा की ओर से वार्ड निर्धारण के बाद प्राप्त आपत्तियों का निस्तारण करते हुए जिला परिषद वार्डों की अंतिम सूची जारी कर दी गई है। इसके तहत खैरथल-तिजारा जिले में कुल 25 जिला परिषद वार्ड गठित किए गए हैं। इन वार्डों से निर्वाचित जिला परिषद सदस्य आपसी मतदान के जरिए जिले के पहले जिला प्रमुख का चुनाव करेंगे। अलग जिला परिषद के गठन से अब ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं और विकास आवश्यकताओं पर स्थानीय स्तर पर त्वरित निर्णय संभव हो सकेंगे।
प्रशासनिक विकेंद्रीकरण के चलते सड़क, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आधारभूत संरचना से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन में गति आने की उम्मीद है।

पहली बार चुना जाएगा जिला प्रमुख
खैरथल-तिजारा जिले के गठन के बाद यह ऐतिहासिक अवसर होगा, जब जिले का अपना जिला प्रमुख चुना जाएगा। इससे न केवल प्रशासनिक निर्णय प्रक्रिया मजबूत होगी, बल्कि जनप्रतिनिधियों की सीधी भागीदारी से विकास योजनाएं अधिक प्रभावी ढंग से धरातल पर उतर सकेंगी। विशेषज्ञों के अनुसार, जिले के औद्योगिक क्षेत्रों टपूकड़ा, भिवाड़ी बेल्ट से जुड़े क्षेत्रों को भी जिला परिषद के सशक्त होने से आर्थिक लाभ मिलने की संभावना है।

पांच उपखंडों पर आधारित प्रशासनिक ढांचा
नवगठित जिले में प्रशासनिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए पांच उपखंड बनाए गए हैं, जिनमें किशनगढ़बास, तिजारा, टपूकड़ा, मुण्डावर और कोटकासिम शामिल हैं।

जिले में 7 तहसील
खैरथल, किशनगढ़बास, तिजारा, टपूकड़ा, मुण्डावर, हरसौली और कोटकासिम कार्यरत होंगी। यह ढांचा प्रशासनिक पहुंच को गांव-गांव तक सुदृढ़ करेगा।

फैक्ट फाइल:-
5 उपखंड
7 तहसीलें
6 पंचायत समितियां
180 ग्राम पंचायतें
25 जिला परिषद वार्ड

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry