भागीरथपुरा में दूषित पानी से 33वीं मौत, बुजुर्ग ने दम तोड़ा, इलाके में फैला हड़कंप

मध्य प्रदेश राज्य

इंदौर
देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी हादसे में देर रात एक और मौत हो गई। मृतक का नाम अलगूराम यादव (70) है। उन्हें 9 जनवरी को अरबिंदो हॉस्पिटल में एडमिट किया गया था। उन्हें सांस संबंधी तकलीफ भी थी। इनके सहित अब तक इस हादसे में 33 लोगों की मौतें हो चुकी हैं। इसके पहले 1 फरवरी को 32वीं मौत हुई थी।  अभी हॉस्पिटल में भर्ती मरीजों की संख्या तीन है, जबकि 450 से ज्यादा मरीज डिस्चार्ज हो चुके हैं। दरअसल, भागीरथपुरा में एक और मौत का मामला सामने आया है। हलकूप्रसाद यादव ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वे वेंटिलेटर पर थे। इससे पहले उनकी पत्नी की भी मौत हो चुकी है, जिससे शोक का माहौल है।  

लोगों में डर का माहौल

लगातार हो रही मौतों से क्षेत्र के लोगों में अब भी डर का माहौल है। उल्टी-दस्त से पीड़ित होने के बाद बीमारी बढ़ती है और फिर धीरे-धीरे शरीर के अंगों पर असर होना शुरू हो जाता है। पिछले दिनों हुई मौतों में बुजुर्गों की संख्या ज्यादा सामने आ रही है।

इसके पहले अलगूराम यादव की पत्नी की भी दूषित पानी से मौत हो चुकी है। उर्मिला यादव को भी उल्टी-दस्त की वजह से अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन उर्मिला यादव ने दम तोड़ा था। उनकी मौत को महीनेभर हो गए हैं।

अगलूराम यादव के बेटे संजय यादव का कहना है कि पिता को पहले से कोई बीमारी नहीं थी। उल्टी-दस्त के चलते अस्पताल में एडमिट किया था, जहां उनकी जान चली गई। अभी हॉस्पिटल में एडमिट मरीजों की संख्या तीन है, जबकि 450 से ज्यादा मरीज एडमिट होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं।

इसके पहले 1 फरवरी को 32वीं मौत हुई थी। अनिता कुशवाह (65) एक माह से अधिक समय से अस्पताल में एडमिट थीं। अनिता का बॉम्बे हॉस्पिटल में इलाज चल रहा था। वह लंबे समय से वेंटिलेटर पर थीं। बेटे नीलेश ने बताया था कि उन्हें पहले से कोई बीमारी नहीं थी।

चैंबर में ही जोड़ दी निजी ड्रेनेज लाइन

वार्ड 80 के रहवासी कुछ दिनों से दूषित पानी से परेशान थे। शुरुआती 10-15 मिनट तक नर्मदा के बजाय दूषित बदबूदार पानी आता था। शिकायत की तो जांच शुरू हुई। निगम की टीम जांच करते हुए नर्मदा जल वितरण के वाल्व तक पहुंची। खोदाई की तो चौंक गए। कुछ रहवासियों ने नर्मदा के चैंबर में निजी ड्रेनेज लाइन जोड़ दी थी। पानी के लिए वाल्व खोलते ही ड्रेनेज पीने के पानी के साथ मिलकर रहवासियों के घरों तक पहुंच जाता था। निगम की टीम ने कार्रवाई कर ड्रेनेज की लाइन को अलग किया।

लोगों ने की गंदगी की शिकायत

निगमायुक्त क्षितिज सिंघल ने प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत रंगवासा सिंदौड़ा स्थित ताप्ती परिसर का निरीक्षण किया। उन्होंने फेस-दो के ब्लाकों में बचे हुए काम और विद्युतीकरण के कार्य को शीघ्रता से पूरा करने का निर्देश एजेंसी को दिए। फेस-एक और तीन आवासीय इकाइयों का काम पूरा हो चुका है। यहां 1500 से ज्यादा परिवार रहते हैं। निरीक्षण के दौरान निगमायुक्त ने रहवासियों से चर्चा भी की। रहवासियों ने सामुदायिक भवन (कम्युनिटी हाल) के निर्माण में देरी, साफ-सफाई और रखरखाव को लेकर असंतोष जताया। 

हाईकोर्ट ने स्वतंत्र जांच आयोग के गठन का दिया था आदेश 27 जनवरी को हाईकोर्ट ने इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से हो रही मौतों के मामले में सख्त रुख अपनाते हुए शासन और नगर निगम की रिपोर्ट को ‘आई-वॉश’ करार दिया था। कोर्ट ने माना कि यह मामला गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थिति से जुड़ा है।

हाईकोर्ट ने कहा कि स्वच्छ पेयजल का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन के अधिकार का हिस्सा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने स्वतंत्र जांच आयोग के गठन का आदेश दिया था।

हाईकोर्ट में ढाई घंटे सुनवाई भागीरथपुरा मामले में दायर जनहित याचिकाओं पर हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में ढाई घंटे से अधिक समय तक सुनवाई चली। सरकार की ओर से कोर्ट में 23 मौतों की रिपोर्ट पेश की गई, जिसमें 16 मौतें दूषित पानी से होनी बताई गई। वहीं 4 मौतों को लेकर असमंजस और 3 मौतें दूषित पानी से नहीं होना बताई गईं।

मौतों के आंकड़ों पर भारी विरोधाभास हाईकोर्ट ने मौतों के आंकड़ों को लेकर गंभीर असहमति दर्ज की। जहां सरकारी रिपोर्ट में 16 मौतें जलजनित बीमारी से मानी गईं। वहीं याचिकाकर्ताओं ने करीब 30 मौतों का दावा किया। कोर्ट ने कहा था कि रिपोर्ट में मौतों के स्पष्ट कारण दर्ज नहीं हैं। पर्याप्त वैज्ञानिक और दस्तावेजी आधार का अभाव है।

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