लखनऊ
यूपी एसआईआर को लेकर बड़ा अपडेट है। राज्य निर्वाचन आयोग ने दावे और आपत्तियों का समय एक महीने के लिए बढ़ा दिया है। अब छह मार्च तक दावे और आपत्तियों की जा सकेंगी। वहीं नोटिस पर सुनवाई 27 मार्च तक की जाएगी। यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) नवदीप रिनवा ने बताया कि अब अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 10 अप्रैल को किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अब हर दिन सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक बूथ पर बैठेंगे। कुल 8990 एईआरओ सुनवाई करेंगे। उन्होंने बताया, मतदाता सूची से 2.89 करोड़ लोगों के नाम काटे गए हैं। कुल 12.55 करोड़ मतदाताओं की ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी की गई है। अभी प्रतिदिन ढाई लाख से तीन लाख लोग मतदाता बनने को फॉर्म-6 भर रहे हैं।
उन्होंने बताया, कुल 3.26 करोड़ मतदाताओं को नोटिस जानी है। अब तक 2.37 करोड़ लोगों को नोटिस जारी हुई है। जिसमें से 86.27 लाख को नोटिस दी जा चुकी है । 30.30 लाख वोटरों की सुनवाई हो चुकी है । 16.18 लाख लोगों ने 6 जनवरी तक फॉर्म 6 भरे थे मतदाता बनने को। 6 जनवरी से 4 फरवरी तक 37.80 लाख ने फॉर्म भरे हैं। 5 फरवरी को सर्वाधिक 3.51 लाख लोगों ने मतदाता बनने को फॉर्म 6 भरा है। बड़ी संख्या में महिला व युवा अभी भी वोटर बनने से बाकी हैं। ऐसे में यह लोग अंतिम मतदाता सूची में शामिल हो इसका भी पूरा प्रयास किया जा रहा है। ड्राफ्ट मतदाता सूची पर दावे-आपत्तियां लोग ढंग से कर सकें इसके लिए उन्हें और समय दिया गया है।
नोटिस पाने वाले सिर्फ 13 प्रतिशत मतदाताओं की सुनवाई
यूपी की मतदाता सूची में शामिल ऐसे मतदाता जिनके नाम का मिलान वर्ष 2003 की मतदाता सूची से नहीं हो सका है, उन्हें नोटिस भेजा गया है। अभी तक 1.72 लाख मतदाताओं को नोटिस जारी किया गया है और अभी तक 23 लाख मतदाताओं की सुनवाई की जा सकी है। यानी नोटिस पाने वालों में 13 प्रतिशत मतदाताओं की ही सुनवाई हो सकी है। जिन्हें नोटिस जारी होगी उनमें 3.26 करोड़ लोग हैं। जिसमें पुरानी सूची से मिलान न हो पाने वाले और तार्किक विसंगति वाले वोटर हैं। ऐसे में अभी 1.53 करोड़ मतदाताओं को नोटिस जारी होना बाकी है। यही कारण है कि मतदाता सूची में दावे-आपत्तियों व सुनवाई का समय बढ़ाया गया है।
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