नीमच
मध्य प्रदेश सरकार ने नीमच जिले में मधुमक्खियों के हमले में 20 बच्चों को बचाते हुए जान गंवाने वाली 45 साल की महिला के परिवार को 4 लाख रुपये का मुआवजा देने का ऐलान किया है.
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा, "नीमच जिले के रानपुर गांव में मधुमक्खियों के डंक से आंगनवाड़ी कार्यकर्ता कंचन बाई मेघवाल की असमय मौत बहुत दुखद और दिल दहला देने वाली है. राज्य सरकार दुख की इस घड़ी में उनके परिवार के साथ है. मानवीय आधार पर, मैंने उनके परिवार को 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का निर्देश दिया है. राज्य सरकार उनके बच्चों की पढ़ाई का खर्च भी उठाएगी."
महिला के बेटे रवि मेघवाल ने एक न्यूज एजेंसी को बताया कि कंचन बाई एक सेल्फ-हेल्प ग्रुप की अध्यक्ष थीं, जो जिला मुख्यालय से करीब 30 किलोमीटर दूर रानपुर गांव में एक ही बिल्डिंग में स्थित आंगनवाड़ी और प्राइमरी स्कूल के बच्चों को खाना खिलाती थीं.
घटना की जानकारी देते हुए मेघवाल ने कहा, "2 फरवरी को मधुमक्खियों के झुंड ने कुछ बच्चों पर हमला कर दिया, जब वे बिल्डिंग के बाहर हैंडपंप पर पानी पी रहे थे. बच्चे बिल्डिंग के अंदर भाग गए, लेकिन मधुमक्खियों का हमला जारी रहा. मेरी मां अंदर भागीं और एक टीचर की मदद से बच्चों को बचाया."
मेघवाल ने आगे बताया कि हमले के समय बिल्डिंग के अंदर करीब 20 बच्चे थे. उन्होंने कहा, "उन्हें बचाते समय मेरी मां को कई मधुमक्खियों ने काट लिया, जिसके बाद वह बेहोश हो गईं और उनके मुंह से झाग निकलने लगा. उन्हें पास के एक अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया."
मुख्यमंत्री की ओर से दिए जा रहे 4 लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा के बारे में बात करते हुए मेघवाल ने कहा कि वह चाहते हैं कि उनकी मां को उनकी बहादुरी के लिए पूरा सम्मान और श्रेय मिले.
एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि मधुमक्खियों के हमले से जुड़े हालात की जांच की जा रही है और जांच के बाद उचित कदम उठाए जाएंगे.
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad

