फरवरी अंत तक जींद-सोनीपत ट्रैक पर होगी शुरु, हाइड्रोजन ट्रेन का पहला ट्रायल सफल

राज्य

जींद.

जींद जंक्शन से सीनीपत के बीच चलने वाली देश की पहली और विश्व की सबसे लंबी हाइड्रोजन ट्रेन का पहला ट्रायल पूरी तरह से सफल रहा। जींद जिले के गांव भंभेवा के पास पहले रनिंग ट्रायल किया गया और अब इस ट्रेन का दूसरा ट्रैक ट्रायल किया जाएगा। ट्रैक ट्रायल के बाद इसकी फाइनल रिपोर्ट आने के बाद ट्रेन जींद से सोनीपत के बीच सरपट दौड़ने लगेगी।

इस मामले में रेलवे के अधिकारी अभी कुछ भी कहने से बच रहे हैं लेकिन सूत्रों के अनुसार जींद से सोनीपत के बीच हाइड्रोजन ट्रेन विधिवत रूप से फरवरी के आखिर तक चल सकती है। रेलवे से जुड़े सूत्रों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि हाइड्रोजन ट्रेन के इंजन का तकनीकी ट्रायल सफल हो गया है। रेलवे के लिए यह बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। तकनीकी ट्रायल के दौरान इंजन से जुड़े सभी प्रमुख सिस्टम संतोषजनक पाए गए। पिछले सप्ताह इंदौर से पहुंची विशेषज्ञों की टीम ने भंभेवा रेलवे स्टेशन के पास इंजन की तकनीकी टैस्टिंग शुरू की थी। हाइड्रोजन इंजन की कार्यप्रणाली, सेफ्टी सिस्टम, प्रैशर कंट्रोल, गैस सप्लाई और इंजन के इलैक्ट्रिक कंट्रोल सिस्टम की गहन जांच की गई।

टीम ने अलग-अलग परिस्थितियों में इंजन को स्टार्ट और शटडाऊनकर उसके प्रदर्शन को परखा। ट्रायल के दौरान किसी भी तरह की तकनीकी खामी सामने नहीं आई जिसे रेलवे के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। तकनीकी ट्रायल के बाद अब अगले चरण में ट्रैक ट्रायल की तैयारी की जा रही है। इसके तहत ट्रेन को सीमित गति से चलाकर ब्रेकिंग सिस्टम, स्पीड कंट्रोल और ट्रैक पर स्थिरता की जांच की जाएगी। यदि यह ट्रायल सफल रहता है तो 12 फरवरी के बाद नियमित ट्रायल रन शुरू किया जा सकता है।

हालांकि अंतिम निर्णय उच्चाधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर लिया जाएगा। रेलवे सूत्रों का कहना है कि जब ट्रेन पूरी तरह से सफल हो जाए‌गी तो उसके बाद इसके उद्‌घाटन की औपचारिकता के लिए रेल मंत्रालय से परमिशन ली जाएगी। चूंकि यह देश की पहली और और विश्व की सबसे लंबी हाइड्रोजन ट्रेन है इसलिए उम्मीद है कि इस ट्रेन का उ‌द्घाटन देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों हरी झंडी दिखाकर करवाया जाएगा।

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