राजकोट
राजकोट में बड़ा विवाद खड़ा हो गया। यहां गुजराती नाटक 'मैं नाथूराम' के मंचन से पहले कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध किया और हॉल में तोड़फोड़ कर दी। इस घटना के बाद पुलिस ने करीब 45 कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया है। घटना शहर के हेमू गढ़वी हॉल में हुई, जहां रात 9:15 बजे नाटक का मंचन होना था।
कांग्रेस ने क्यों किया विरोध
मिली जानकारी के अनुसार, कांग्रेस कार्यकर्ता नाटक के मंचन का विरोध कर रहे थे। उनका आरोप था कि यह नाटक महात्मा गांधी के सिद्धांतों को कमतर दिखाने की कोशिश करता है। कांग्रेस के राजकोट अध्यक्ष राजदीपसिंह जडेजा ने बताया कि उन्होंने पहले हॉल ट्रस्ट से नाटक रद्द करने की मांग की थी। उन्होंने कहा कि गांधीजी का राजकोट से गहरा जुड़ाव रहा है, क्योंकि उन्होंने यहां पढ़ाई की थी।
जडेजा के मुताबिक, जब आयोजकों ने कार्यक्रम रद्द करने से इनकार कर दिया और पुलिस सुरक्षा में मंचन कराने की बात कही, तब कांग्रेस ने विरोध करने का फैसला किया। उन्होंने दावा किया कि विरोध के दौरान स्थिति अचानक बिगड़ गई और कुछ युवाओं ने मंच पर पड़े पाइप फेंक दिए। उनका कहना था कि यदि वे शांतिपूर्वक बैठते, तो नाटक जारी रहता।
क्या बोले आयोजक
इस मामले पर नाटक के निर्माता और प्रस्तुतकर्ता परितोष पेंटर ने कहा कि उनके पास सेंसर सर्टिफिकेट और पुलिस की अनुमति थी। उन्होंने बताया कि अचानक 200-300 लोगों का समूह वहां पहुंचा और नाटक को रोकने की कोशिश करने लगा। पेंटर ने कहा कि नाटक एक प्रकाशित किताब पर आधारित है और इसमें नाथूराम गोडसे के अदालत में दिए गए बयान को दिखाया गया है। उनका कहना है कि इसमें किसी को सही या गलत साबित करने की कोशिश नहीं की गई है।
घटना के बाद पुलिस ने 45 कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। देर शाम तक पुलिस इस मामले में एफआईआर दर्ज करने की तैयारी कर रही थी। बताया जा रहा है कि नाटक के आगामी दिनों में अन्य शहरों में भी मंचन की योजना है और आयोजक इसे जारी रखने पर अड़े हैं।
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