सेफर इंटरनेट डे 2026 पर एआई और साइबर जोखिमों को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

मध्य प्रदेश राज्य

भोपाल.

सेफर इंटरनेट डे-2026 के अवसर पर इस वर्ष की निर्धारित थीम “एआई और उभरते साइबर जोखिम” के तहत राष्ट्रीय सूचना-विज्ञान केंद्र (एनआईसी) मध्यप्रदेश राज्य इकाई द्वारा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य नागरिकों को इंटरनेट के सुरक्षित, जिम्मेदार और जागरूक उपयोग के लिए प्रेरित करना रहा।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि तकनीकी शिक्षा निदेशालय के आयुक्त  अवधेश शर्मा उपस्थित रहे तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्य सूचना विज्ञान अधिकारी  कमलेश जोगी ने की। इस अवसर पर एनआईसी राज्य इकाई के अधिकारियों और कर्मचारियों ने सहभागिता की। साथ ही प्रदेश के सभी शासकीय एवं स्वायत्त इंजीनियरिंग तथा पॉलिटेक्निक संस्थानों के शिक्षक एवं विद्यार्थी वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े।

कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने इंटरनेट उपयोगकर्ताओं को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाने पर जोर दिया। वक्ताओं ने बताया कि वर्तमान समय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का उपयोग जहां विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रहा है, वहीं इसके दुरुपयोग से साइबर अपराधों के नए स्वरूप सामने आ रहे हैं। एआई-सक्षम धोखाधड़ी, डीपफेक तकनीक, वॉयस क्लोनिंग, व्यक्तिगत संदेशों के माध्यम से ठगी और स्वचालित साइबर हमलों जैसे खतरों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

विशेषज्ञों ने साइबर स्वच्छता की सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाने की आवश्यकता पर बल देते हुए मजबूत पासवर्ड का उपयोग, संदिग्ध लिंक या संदेशों से सावधानी, सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा करने से बचाव तथा नियमित रूप से डिजिटल उपकरणों के अपडेट रखने जैसे उपायों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में नागरिकों को सुरक्षित इंटरनेट उपयोग के प्रति जागरूक रहना अत्यंत आवश्यक है।

इस अवसर पर बताया गया कि सेफर इंटरनेट डे प्रत्येक वर्ष फरवरी के दूसरे मंगलवार को विश्व के लगभग 160 देशों में मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य नागरिकों को इंटरनेट एवं डिजिटल तकनीक के सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग के प्रति जागरूक करना है।

कार्यक्रम के तहत प्रदेश के सभी जिलों में जिला प्रशासन एवं राष्ट्रीय सूचना-विज्ञान केंद्र के सहयोग से विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों और कार्यालयों में जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों, युवाओं एवं आम नागरिकों को साइबर सुरक्षा और जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार के प्रति प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम के अंत में सुरक्षित डिजिटल वातावरण के निर्माण के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया गया तथा नागरिकों से साइबर अपराधों से बचाव के लिए सतर्क और जागरूक रहने की अपील की गई।

 

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