कैंसर इलाज में नई क्रांति: MP में पहली बार इंदौर के MGM मेडिकल कॉलेज में जीनोम सिक्वेंसिंग

मध्य प्रदेश राज्य

इंदौर.

इंदौर के एमजीएम मेडिकल कलेज में जल्द ही कैंसर की जीनोम सिक्वेंसिंग लैब शुरु होगी। यह प्रदेश की पहली लैब होगी। गौरतलब है कि अभी कैंसर के सेल व डीएनए में म्युटेशन की जांच के लिए इंदौर ही नहीं पूरे मप्र से दिल्ली के टाटा मेमोरियल अस्पताल व दिल्ली व बेंगलुरु के निजी अस्पतालों के जांच केंद्रों पर सैंपल भेजे जाते है। ऐसे में अब यह सुविधा इंदौर में ही मिल सकेगी। अभी सैंपल को अन्य शहरों में जांच के लिए भेजने के बाद उसकी रिपोर्ट आने में ही 10 से 15 दिन का समय लग जाता है, लेकिन इंदौर के एमजीएम मेडिकल कालेज में शुरु होने वाली इस लैब में पांच से सात दिन में कैंसर सेल के म्युटेशन की जांच रिपोर्ट मिल सकेगी। हालांकि शुरुआत में इस लैब में स्तन कैंसर व मस्तिष्क कैंसर के सेल की जीनोम सिक्वेंसिंग जांच होगी।
मल्टी डिसिप्लिनरी रिसर्च यूनिट तैयार

इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च व डिपार्टमेंट आफ हेल्थ रिसर्च द्वारा 2014 में इंदौर के एमजीएम मेडिकल कालेज के लिए यह प्रोजेक्ट तैयार किया था, लेकिन अब जाकर यहां मल्टी डिसिप्लिनरी रिसर्च यूनिट (एमडीआरयू) शुरु हुई है। इस यूनिट में अब कैंसर संबंधित रिसर्च व जांच की प्रक्रिया शुरु होगी। इसके लिए उपकरण खरीदे जा चुके है और जल्द इनका इंस्टालेशन किया जाएगा। वर्तमान में इस रिसर्च यूनिट में पांच लोगों का स्टाफ नियुक्त है। इसमें दो वैज्ञानिक व तीन टेक्नीशियन है।

साढ़े तीन करोड़ की लागत से आए उपकरण

इस रिसर्च यूनिट में केंद्र सरकार के प्रोजेक्ट के साढ़े तीन करोड़ रुपये की लागत से उपकरण बुलवाए गए है। इनमें नेक्स्ट जनरेशन जीन सिक्वेंसिंग व पीसीआर-आरपीसीआर जांच मशीने है। इसके अलावा 20 लाख रुपये के सेल की जांच में उपयोग होने वाले रीएजेंट व कंज्युमेंबल मिले है। ये रीएजेंट फिलहाल स्तन कैंसर व मस्तिष्क कैंसर की जांच में ही काम आएंगे। अन्य कैंसर संबंधित जांच के लिए मेडिकल कालेज को अन्य रीएजेंट खरीदना होंगे।
डायबिटीज, थायराइड और अन्य बीमारियों पर भी होगा शोध

भविष्य में इस लैब में मुंह, पेट, सर्वाइकल सहित अन्य कैंसर की जांच भी हो सकेगी। इसके अलावा नान कम्युनिकेबल डिसिज जिसमें हृदय रोग व मेटाबालिक डिसआर्डर जैसे डायबीटिज, थायराइड जैसी बीमारियों पर शोध किया जा सकेगा। इसके अलावा इन बीमारियों के कारण जानने के लिए जीनोम सिक्वेंसिंग जांच की जा सकेगी। डॉ. तरुण वर्मा, विज्ञानी, एमडीआरयू, एमजीएम मेडिकल कॉलेज के अनुसार, इस लैब में मॉलीक्युलर बायोलॉजी के तहत कैंसर सेल के डीएनए, आरएनए व प्रोटीन की जांच होगी, जिससे इन बीमारियों के भविष्य में उपचार में मदद मिल सकेगी।
शुरुआती 200 मरीजों के लिए निशुल्क जांच की सुविधा

केंद्र से मिले रीएजेंट के माध्यम से फिलहाल रिसर्च के दौरान जिन मरीजों के सैंपल लिए जाएंगे, शुरुआत में स्तन व मस्तिष्क कैंसर से संबंधित करीब 200 मरीजों से जांच शुल्क नहीं लिया जाएगा। रिसर्च के अलावा यदि कोई अन्य मरीज अपने सैंपल की जांच करवाना चाहेगा तो उसे एक तय शुल्क देना होगा। यह जानकारी डॉ. शिल्पा मिश्रा शुक्ला, सीनियर साइंटिस्ट, एमडीआरयू, एमजीएम मेडिकल कालेज द्वारा दी गई है।

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