कैथल
हरियाणा की राजनीति और सामाजिक जीवन के लिए गहरा आघात देने वाली खबर सामने आई है। पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुरेंद्र सिंह मदान का देर रात निधन हो गया। वे 73 वर्ष के थे। बताया गया है कि वे नोएडा में एक पारिवारिक विवाह समारोह में शामिल होने गए थे, जहां रात करीब दो बजे अचानक सांस लेने में तकलीफ हुई। परिजन उन्हें तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनके बेटे मानव मदान के अनुसार, उन्हें हार्ट अटैक आया था। परिवार की ओर से जारी शोक संदेश में कहा गया है कि “वे अपनी सांसारिक यात्रा पूर्ण कर प्रभु के चरणों में लीन हो गए।” उनका अंतिम संस्कार आज बुधवार, 11 फरवरी 2026 को दोपहर 2 बजे प्रताप गेट स्थित कल्याण भूमि, कैथल में पूरे सम्मान के साथ संपन्न होगा।
परिवार में शोक की लहर
मदान अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। शोकाकुल परिवार में पत्नी अनिल मदान, पुत्र मानव मदान, पुत्रवधू रश्मि, दो पोते रेहान और जैतिक तथा बेटियां रितिका और रिया शामिल हैं। परिवार का निवास हाउस नंबर ए-250, सनसिटी, कैथल है। अंतिम दर्शन के लिए सुबह से ही उनके आवास पर समर्थकों, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों का आना-जाना लगा हुआ है।
दो बार विधायक, मंत्री भी रहे
सुरेंद्र मदान ने 1987 में लोकदल के टिकट पर कैथल से पहली बार विधायक बनकर राजनीति में प्रवेश किया था। उस समय उन्हें सरकार में लोक संपर्क विभाग एवं उड्डयन मंत्री बनाया गया। बाद में कांग्रेस में शामिल होकर 1991 में दूसरी बार विधायक बने। पंजाबी समाज सहित शहर के व्यापारिक और सामाजिक वर्गों में उनकी मजबूत पकड़ थी।
लंबा राजनीतिक सफर
करीब चार दशक के राजनीतिक जीवन में उन्होंने भाजपा युवा मोर्चा से शुरुआत की, फिर लोकदल, कांग्रेस, हरियाणा जनहित कांग्रेस, इनेलो और दोबारा कांग्रेस का दामन थामा। वे बेबाक, जमीनी और लोगों के बीच रहने वाले नेता के रूप में जाने जाते थे। राज्यसभा सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला समेत कई नेताओं ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे कैथल की राजनीति के लिए बड़ी क्षति बताया है। मदान के निधन से क्षेत्र में शोक का माहौल है। समर्थक उन्हें एक सरल स्वभाव, मिलनसार और जनसेवा के लिए समर्पित नेता के रूप में याद कर रहे हैं।
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