पटना.
इस वक्त पूर्णिया सांसद पप्पू यादव से जुड़ी बड़ी खबर सामने आ रही है. दरअसल पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव को फिलहाल राहत नहीं मिली है. वहीं उनके खिलाफ 2 नए केस भी दर्ज कर दिये गए हैं. दरअसल बुद्धा कॉलोनी और कोतवाली थाना से जुड़े वर्ष 2017 के मामले में अदालत के आदेश के बाद उन्हें कस्टडी में लेकर जेल भेज दिया है. कोर्ट में पेशी के बाद यह कार्रवाई की गई, जिससे उनके समर्थकों में हलचल मच गई.
जानकारी के मुताबिक, पप्पू यादव से जुड़ा यह मामला पुराने आपराधिक प्रकरणों से जुड़ा है, जिसकी सुनवाई के दौरान कोर्ट ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया. इसके साथ ही पप्पू यादव के खिलाफ दो नए मामले भी दर्ज किए गए हैं, जिनकी जांच पुलिस कर रही है. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दर्ज नए मामलों में कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी. वहीं, पप्पू यादव की ओर से कानूनी विकल्पों पर विचार किया जा रहा है और उनके वकील कोर्ट में राहत के लिए आवेदन करने की तैयारी में हैं.
एक मामले में इसी हफ्ते मिली थी जमानत
वहीं इससे पहले बीते मंगलवार को पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव को 31 साल पुराने मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट ने जमानत दे दिया. इसके बाद भी पप्पू यादव अभी जेल के बाहर नहीं निकल पाये थे. दरअसल जिस 31 साल पुराने धोखाधड़ी के मामले में उनकी गिरफ्तारी हुई थी, उसमें पटना की अदालत ने उन्हें जमानत तो दे दी, लेकिन कानूनी गलियारों की जटिलता ने उनकी राह फिर से रोक दी है. इस बार बाधा कोई पुराना मामला नहीं, बल्कि गिरफ्तारी के दौरान हुआ पटना पुलिस से बाद-विवाद है. पटना पुलिस ने उस मामले में भी पप्पू यादव को आरोपी बनाया है.
समर्थकों ने लगाया आरोप
ऐसे में अभी पप्पू यादव का जेल से बाहर आना मुश्किल हो गया है. क्योंकि, उस मामले में पप्पू यादव को बेल नहीं मिली है. मंगलवार को कोर्ट में सुनवाई के दौरान पप्पू यादव के वकीलों ने दलील दी कि 1995 का यह मामला पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित है और इसमें गिरफ्तारी की कोई आवश्यकता नहीं थी. कोर्ट ने तथ्यों को देखते हुए जमानत मंजूर कर ली. लेकिन, जैसे ही रिहाई की प्रक्रिया शुरू हुई, पटना पुलिस ने एक नया अड़ंगा लगा दिया.
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