‘सेवा तीर्थ’ बना सत्ता का नया केंद्र: साउथ ब्लॉक को अलविदा, यहां होंगी कैबिनेट बैठकें

देश

नई दिल्ली
प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) का पता अब बदल गया है। कल 13 फरवरी 2026 को साउथ ब्लॉक में कैबिनेट की आखिरी बैठक हुई, जहां एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पास किया गया। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नए भवन परिसर का उद्घाटन किया, जिसका नाम 'सेवा तीर्थ' रखा गया है। अब से कैबिनेट बैठकें और पीएमओ का काम इसी नए परिसर में होगा। साउथ ब्लॉक और नॉर्थ ब्लॉक का निर्माण ब्रिटिश काल में हुआ था। ये भवन औपनिवेशिक शासन के प्रतीक थे, जिनके जरिए भारत को लंबे समय तक गुलामी में रखा गया। 1947 में आजादी मिलने के बाद भी प्रशासनिक ढांचा काफी हद तक उसी पुरानी व्यवस्था पर आधारित रहा। स्वतंत्रता के बाद से पीएमओ साउथ ब्लॉक से ही संचालित होता आया है। अब यह बदलाव एक ऐतिहासिक कदम है, जो औपनिवेशिक अतीत से मुक्ति और भारतीय मूल्यों पर आधारित नई शुरुआत का प्रतीक है।
प्रधानमंत्री मोदी ने सेवा तीर्थ के उद्घाटन के दौरान कहा कि सेवा भारत की आत्मा और असली पहचान है। इस नए परिसर में प्रधानमंत्री कार्यालय के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और कैबिनेट सचिवालय भी एक छत के नीचे आ गए हैं। इससे प्रशासनिक कामकाज अधिक कुशल, एकीकृत और नागरिक-केंद्रित बनेगा। परिसर की दीवार पर 'नागरिक देवो भव' का आदर्श वाक्य अंकित है, जो सेवा की भावना को मजबूत करता है।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, यह बदलाव सेंट्रल विस्टा परियोजना का हिस्सा है, जिसके तहत कई अन्य नाम भी बदले गए हैं, जैसे केंद्रीय सचिवालय को कर्तव्य भवन और राजपथ को कर्तव्य पथ। सरकार का मानना है कि ये कदम औपनिवेशिक प्रतीकों से दूर हटकर आधुनिक, भारतीय जनभावना के अनुरूप शासन व्यवस्था को मजबूत करेंगे। सेवा तीर्थ में आधुनिक सुविधाएं, डिजिटल एकीकरण और बेहतर समन्वय की व्यवस्था है, जो देश की प्रगति और विकास के लक्ष्यों को पूरा करने में मदद करेगी।

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