फाजिल्का.
महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर रविवार सुबह से ही फाजिल्का शहर के प्रमुख मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सिद्ध श्री हनुमान मंदिर, शिव भवन, श्री राम संकीर्तन मंदिर और श्री बालाजी धाम समेत दर्जनों मंदिरों में श्रद्धालु पहली पूजा के लिए तड़के ही पहुंचने लगे।
चारों पहर की विशेष पूजा को लेकर शहर में धार्मिक माहौल चरम पर है, वहीं हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रही कांवड़ यात्रा का भी दोपहर बाद शहर में पहुंचने का कार्यक्रम है।
महाशिवरात्रि पर फाजिल्का शहर पूरी तरह शिवभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। तड़के चार बजे से ही विभिन्न मंदिरों में भक्तों का आना शुरू हो गया और सूर्योदय तक मंदिरों के बाहर लंबी कतारें लग गईं। सिद्ध श्री हनुमान मंदिर, शिव भवन, श्री राम संकीर्तन मंदिर और श्री बालाजी धाम में सुबह की विशेष आरती के दौरान ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से वातावरण गूंज उठा। श्री राम संकीर्तन मंदिर के पंडित चिमनलाल शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि पहला पहर सुबह 4 बजे से 7 बजे तक, दूसरा पहर सुबह 7 बजे से 10 बजे तक, तीसरा पहर दोपहर 1 बजे से 4 बजे तक व चौथा पहर शाम 7 बजे से रात 10 बजे तक होगा।
उन्होंने बताया कि शिवलिंग का अभिषेक, पंचामृत स्नान, रुद्राभिषेक और बिल्वपत्र अर्पित करने का क्रम पूरे दिन जारी रहेगा। शहर में जगह-जगह श्रद्धालुओं द्वारा सेवा स्टॉल लगाए गए हैं, जहां पानी, जूस, फलाहार और प्रसाद की व्यवस्था की गई है। महिलाओं की संख्या भी उल्लेखनीय रही, जो व्रत रखकर पहले पहर की पूजा के लिए सुबह ही मंदिरों में पहुंच गईं। दोपहर बाद हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहे कांवड़ संघ के विभिन्न दलों के फाजिल्का पहुंचने की उम्मीद है। कांवड़िए गंगा से लाया गया पवित्र जल शहर के प्रमुख शिवालयों में स्थापित शिवलिंगों पर अभिषेक करेंगे। मंदिर समितियों ने सुरक्षा, सफाई और भीड़ प्रबंधन के लिए स्वयंसेवकों की विशेष तैनाती की है, जबकि प्रशासन ने भी शहर में आवश्यक मार्ग व्यवस्थाओं और वाहनों के नियंत्रण के लिए टीमों को सक्रिय रखा है।
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