सागर
मध्य प्रदेश के सागर जिले में स्थित रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व के कोर एरिया में एक नर बाघ का शव मिलने से वन विभाग में हड़कंप मच गया. यह बाघ बीते महीने कान्हा टाइगर रिजर्व से लाया गया था. प्रारंभिक जांच में बाघ की मौत टेरिटोरियल फाइट में होने की आशंका जताई जा रही है. हालांकि, मौत का सही कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगा.
जानकारी के अनुसार, रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व के मोहली रेंज में आने वाले मानेगांव बीट के कोर क्षेत्र में वन विभाग को 15 फरवरी की शाम बाघ का शव पढ़े होने की जानकारी मिली. सूचना पर टाइगर रिजर्व की टीम मौके पर पहुंची और बाघ के शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की. मृत बाघ नर था और उसकी उम्र लगभग 3 से 4 वर्ष थी.
मां से बिछड़ गया था बाघ
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह बाघ बचपन में अपनी मां से बिछड़ गया था, इसके बाद उसे रेस्क्यू कर रि-वाइल्डिंग प्रशिक्षण दिया गया. जंगल में शिकार और प्राकृतिक परिस्थितियों के अनुकूल बनने के बाद 18-19 जनवरी की दरमियानी रात उसे रेडियो कॉलर लगाकर कोर एरिया में छोड़ा गया था. तब से टाइगर रिजर्व की टीम लगातार उसकी निगरानी कर रही थी.
दो दिन से एक ही जगह थी लोकेशन
पिछले दो दिनों से बाघ की लोकेशन एक ही स्थान पर मिल रही थी, जिससे कुछ गड़बड़ होने की आशंका हुई. वन विभाग की ओर से गश्ती दल को मौके पर भेजा गया, जहां बाघ मृत अवस्था में पाया गया. डीएफओ रजनीश कुमार सिंह ने बताया कि घटनास्थल के आसपास दूसरे बाघ के पगमार्क मिले हैं, जिससे टेरिटोरियल फाइट की संभावना जताई जा रही है. अक्सर वयस्क नर बाघ अपने क्षेत्र को लेकर आपस में भिड़ जाते हैं, जिसमें कमजोर या युवा बाघ की जान भी जा सकती है.
शिकार की आशंका कम
डीएफओ रजनीश कुमार के अनुसार, वन विभाग ने आसपास के क्षेत्र की सघन जांच की है. इस दौरान घटनास्थल पर कहीं भी अवैध बिजली तार नहीं मिले. साथ ही पास के जल स्रोतों की भी जांच की गई, जहां सब कुछ सामान्य पाया गया. ऐसे में उसके शिकार की आशंका कम नजर आ रही है. मृत बाघ का पोस्टमार्टम विशेषज्ञ डॉक्टरों की पैनल द्वारा टाइगर रिजर्व परिसर में किया गया. रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा.
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