चंडीगढ़
हरियाणा कांग्रेस ने मौजूदा सरकार की जन विरोधी नीतियों के विरोध स्वरूप जिला कांग्रेस अध्यक्षों के नेतृत्व में प्रदेश के प्रत्येक जिला मुख्यालय पर जोरदार धरना प्रदर्शन किया एवं उपायुक्त के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस नेताओं ने इस धरना प्रदर्शन में सरकार के खिलाफ जमकर नारे लगाए और जन विरोधी नीतियों के चलते सरकार को खूब-कोसा। यह जानकारी देते हुए हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि भाजपा की मौजूदा सरकार तुगलकी फरमानों के माध्यम से जनता को अनावश्यक रूप से परेशान कर रही है। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान की मूल भावना—समानता, न्याय एवं जनकल्याण—सरकार की नीतियों से आहत हो रही है।
उन्होंने भारत–अमेरिका ट्रेड डील को देश की कृषि अर्थव्यवस्था और किसानों के हितों के विरुद्ध बताते हुए कहा कि इस समझौते के माध्यम से विदेशी कंपनियों को भारतीय बाजार में अनियंत्रित प्रवेश देने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे घरेलू किसानों की उपज पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। इससे न केवल खाद्यान्न सुरक्षा बल्कि कृषि आत्मनिर्भरता भी खतरे में पड़ सकती है। उन्होंने प्रश्न उठाया कि क्या वैश्वीकरण के नाम पर देश की कृषि क्रांति की उपलब्धियों को कमजोर करना उचित है?
बुढ़ापा पेंशन योजना में बदलाव पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि पेंशन का मापदंड बच्चों की आय से जोड़ना पूरी तरह अनुचित है। यह योजना बुजुर्गों को सम्मान और सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से बनाई गई थी, किंतु सरकार के इस निर्णय से बुजुर्गों के सम्मान को ठेस पहुंच रही है।
राशन कार्ड से नाम काटे जाने के मामलों पर उन्होंने कहा कि पात्र लोगों को बिना ठोस कारण के योजनाओं से वंचित किया जा रहा है, जो खाद्य सुरक्षा के अधिकार के विपरीत है। एचपीएससी में भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर उन्होंने सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि हरियाणा के युवाओं की उपेक्षा कर बाहरी राज्यों के उम्मीदवारों को प्राथमिकता देना प्रदेश के प्रतिभाशाली युवाओं के साथ अन्याय है। यह सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है। इस धरना प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस के सभी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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