नई दिल्ली
केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारी और पेंशनभोगी जहां 8वां वेतन आयोग के तहत संभावित वेतन बढ़ोतरी का इंतजार कर रहे हैं, वहीं साइबर ठग उनकी इसी उत्सुकता का फायदा उठा रहे हैं। हाल ही में “8th पे कमीशन सैलरी कैलकुलटर” नाम का एक फर्जी ऐप तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे डाउनलोड करने के लिए लोगों को मैसेज और व्हाट्सएप के जरिए लिंक भेजे जा रहे हैं। दावा किया जाता है कि इस ऐप से कर्मचारी अपनी संशोधित सैलरी का हिसाब लगा सकते हैं, लेकिन असल में यह एक बड़ा साइबर फ्रॉड है। कई लोगों के साथ ठगी की घटनाएं सामने आने के बाद एजेंसियों ने चेतावनी जारी की है।
सरकार की चेतावनी
गृह मंत्रालय की साइबर सुरक्षा पहल Cyber Dost ने इस मामले को लेकर अलर्ट जारी किया है। बताया गया है कि यह ऐप किसी भी आधिकारिक प्लेटफॉर्म जैसे गुगल प्ले पर उपलब्ध नहीं है। ठग इसे APK फाइल के रूप में भेजते हैं और लोगों से कहते हैं कि इसे सीधे फोन में इंस्टॉल कर लें। आमतौर पर अनजान लोग यह समझ नहीं पाते कि APK फाइल को साइडलोड करना कितना खतरनाक हो सकता है। सरकार ने साफ कहा है कि वह कभी भी व्हाट्सएप या किसी मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए APK फाइल नहीं भेजती।
जानकारों की राय
विशेषज्ञों के अनुसार, जैसे ही यह फर्जी ऐप फोन में इंस्टॉल होता है, यह बैकग्राउंड में काम करना शुरू कर देता है। इसके जरिए ठग मोबाइल के मैसेज, बैंक डिटेल और यहां तक कि OTP तक एक्सेस कर लेते हैं। कई मामलों में देखा गया है कि यूजर को भनक भी नहीं लगती और कुछ ही मिनटों में उनके बैंक खाते खाली हो जाते हैं। साइबर अपराधी इसी तरीके से लोगों की मेहनत की कमाई पर हाथ साफ कर रहे हैं। इसलिए किसी भी अनजान लिंक या फाइल को डाउनलोड करने से पहले पूरी जांच-पड़ताल जरूरी है।
क्या करें कर्मचारी
अगर गलती से ऐसा कोई संदिग्ध ऐप डाउनलोड हो जाए तो उसे तुरंत अनइंस्टॉल करें और जरूरत पड़े तो फोन को फैक्ट्री रीसेट कर दें। किसी भी सूरत में OTP या बैंक से जुड़ी जानकारी साझा न करें। 8th पे कमीशन से जुड़ी जानकारी केवल आधिकारिक सरकारी वेबसाइट से ही प्राप्त करें। किसी भी तरह की साइबर ठगी की शिकायत राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर या आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से तुरंत दर्ज कराएं। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें—क्योंकि एक छोटी सी लापरवाही भारी नुकसान का कारण बन सकती है।
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