एमवाय अस्पताल में सख्त कार्रवाई: सुपरिटेंडेंट-भवन अधिकारी को नोटिस, BVG को 25 हजार का जुर्माना

मध्य प्रदेश राज्य

इंदौर 
देश के सबसे स्वच्छ शहर के रूप में पहचान रखने वाले इंदौर की स्वास्थ्य सेवाएं एक बार फिर सवालों के घेरे में हैं। सरकारी एमवाय अस्पताल के बाहर मरीज को स्ट्रेचर पर सड़क पार कराते हुए सामने आए वायरल वीडियो और अस्पताल की दीवारों, टाइल्स में फफूंद, गंदगी व अन्य अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए डीन ने कड़ा रुख अपनाया है।

डीन ने अस्पताल सुपरिटेंडेंट डॉ. अशोक यादव और भवन अधिकारी जितेंद्र रावत को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इसके साथ ही सुपरविजन और मेंटेनेंस करने वाले भारत विकास ग्रुप (BVG) पर 25 हजार रुपए का फाइन लगाया है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में दो महिलाएं एक मरीज को पहिए वाले स्ट्रेचर पर लेकर भरे ट्रैफिक के बीच सड़क पार करती नजर आ रही हैं। वीडियो में देखा जा सकता है कि शासकीय डेंटल कॉलेज के सामने से गुजरते हुए महिलाएं एमवाय अस्पताल के मुख्य गेट तक पहुंचती हैं, लेकिन गेट बंद होने के कारण उन्हें अगले गेट की ओर स्ट्रेचर धकेलना पड़ता है।

व्यवस्थाओं पर उठे गंभीर सवाल

वीडियो सामने आने के बाद नागरिकों और सोशल मीडिया यूजर्स ने सवाल उठाए कि यदि स्ट्रेचर सरकारी अस्पताल का है तो वह सड़क पर कैसे पहुंचा, और आखिर ऐसी कौन-सी परिस्थितियां रहीं कि परिजनों को मरीज को खुद स्ट्रेचर पर ले जाना पड़ा। यह मामला अब केवल एक वीडियो तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सरकारी अस्पतालों की आपातकालीन सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था और मरीजों के प्रति संवेदनशीलता पर भी सवाल खड़े कर रहा है।

इसे लेकर डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया ने एमवाय अस्पताल के सुपरिटेंडेंट यादव को तलब किया कि इस मामले में क्या जांच की गई है। इस बीच एमवाय अस्पताल साथ ही डेंटल कॉलेज के भी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। हालांकि अब तक ऐसा कोई सूत्र नहीं मिला है कि मरीज को भरे ट्रैफिक में सड़क पर दोनों महिलाएं कब और कहां ले गई।

इस बीच डीन ने मंगलवार को पूरे अस्पताल का दौरा किया। इस दौरान चौथी, पांचवीं मंजिल के कुछ हिस्सों की दीवारों और टूटी टाइल्स में फफूंद और गंदगी मिलने पर उन्होंने सुपरिटेंडेंट और सुपरवाइजर पर काफी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि पहले मैं खुद दौरा कर चुका हूं। इसके पूर्व खुद डीन एक माह पूर्व इसे लेकर नाराजगी जताई थी।

इसके बाद कलेक्टर, कमिश्नर और मुख्यमंत्री का भी दौरा हुआ था, इसके बावजूद इन समस्याओं का समाधान नहीं किया। इसे लेकर दोनों को नोटिस जारी किए हैं। नोटिस में व्यवस्थाओं में लापरवाही, साफ-सफाई और भवन मेंटेनेंस से जुड़ी कमियों पर जवाब मांगा गया है।

सुरक्षा और स्टाफ की भूमिका की जांच प्रबंधन ने बताया कि अस्पताल में मरीजों के लिए 108 एम्बुलेंस की सेंट्रलाइज्ड सुविधा उपलब्ध है और किसी भी मरीज को स्ट्रेचर पर अस्पताल परिसर से बाहर ले जाने की अनुमति नहीं है। मामले में सुरक्षा गार्ड, स्ट्रेचर बॉय और अन्य कर्मचारियों से जुड़े रिकॉर्ड और फुटेज की जांच की जा रही है। साथ ही दोहराया गया है कि मरीजों को बाहर ले जाने से रोकने के सख्त निर्देश पहले से लागू हैं।

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry