कूनो ने स्वागत किया नए मेहमानों का, गामिनी ने जन्म दिए 3 शावक, कुल चीतों की संख्या हुई 38

फर्श से अर्श तक

श्योपुर

मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से वन्यजीव प्रेमियों के लिए एक बार फिर सुखद खबर सामने आई है। दक्षिण अफ्रीका से लाई गई मादा चीता गामिनी ने तीन शावकों को जन्म दिया है। शावकों के आगमन के साथ ही कूनो में चीतों का कुनबा और बढ़ गया है। इस उपलब्धि पर केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव और मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने प्रसन्नता व्यक्त की है।

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर यह जानकारी साझा करते हुए लिखा कि मध्य प्रदेश चीतों के पुनर्स्थापन का सशक्त केंद्र बनकर उभरा है। प्रोजेक्ट चीता के अंतर्गत दक्षिण अफ्रीका से आई मादा चीता गामिनी द्वारा तीन शावकों को जन्म देना प्रदेश और देश के लिए गौरव का विषय है। मुख्यमंत्री ने बताया कि कूनो नेशनल पार्क में चीतों के आगमन के तीन वर्ष पूर्ण होने के साथ ही यह नौवां सफल प्रसव है।

सीएम मोहन यादव ने दी जानकारी

भारत में पैदा हुए शावकों की संख्या बढ़कर 27 हो गई है और कुल चीतों की आबादी 38 हो गई है. सीएम ने कहा कि गामिनी ने 3 शावकों को जन्म दिया है. पार्क चीतों के आने के बाद से नवां सफल प्रसव है.श्योपुर जिले में कूनो नेशनल पार्क में आए चीतों के 3 वर्ष पूर्ण होने के साथ ही 9वां सफल प्रसव है। सीएम ने आगे लिखा है कि भारत में चीतों की कुल संख्या बढ़कर अब 38 हो गई है। यह पूरे देश के लिए वन्यजीव संरक्षण, जैव विविधता और पर्यावरण संतुलन की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि है।

कूनो नेशनल पार्क के डीएफओ ने आजतक को फोन कॉल पर बताया कि कूनो पार्क में चीता गामनी ने 3 आज तीन शावकों को जन्म दिया है,सभी शावक स्वस्थ्य हैं. कूनों के डॉक्टरों की टीम उसकी निगरानी कर रही है.

गामिनी ने दूसरी बार मां बनकर कूनो के कुनबे में वृद्धि की है। इन तीन नए सदस्यों के शामिल होने के बाद भारत में चीतों की कुल संख्या बढ़कर अब 38 हो गई है। वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, कूनो में अब तक भारत में जन्मे जीवित शावकों की संख्या बढ़कर 27 पहुंच गई है। सरकार इसे वन्यजीव संरक्षण, जैव विविधता और पर्यावरण संतुलन की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि मान रही है।

 

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