मानवीय मूल्यों को पुनर्जीवित करती ‘सेवा एक नई पहल’ — अंतिम संस्कार में निभाया सामाजिक दायित्व
निराश्रित बुजुर्ग मातुश्री के निधन पर संस्था ने खरे परिवार के सहयोग से किया अंतिम संस्कार, समाज में सद्भाव और समानता की नई चेतना का संदेश
बिलासपुर
जोरा पारा स्थित सुवाणी सुखाश्रम में निवासरत एक निराश्रित बुजुर्ग मातुश्री के निधन पर सामाजिक संस्था सेवा एक नई पहल ने मानवीय संवेदनाओं का परिचय देते हुए अंतिम संस्कार का दायित्व निभाया। इस पुण्य कार्य में शहर के लब्धप्रतिष्ठित खरे परिवार का भी सराहनीय सहयोग रहा। मृतात्मा को मुखाग्नि संस्था की सक्रिय कार्यकर्ता सिमरन तलरेजा ने दी।
श्रद्धांजलि सभा में नगर के गणमान्य नागरिकों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं की उपस्थिति रही। इस अवसर पर वृन्दावन परिसर व्यवसायी संघ के अध्यक्ष मनोज सरवानी, सुखाश्रम संचालक श्याम तिवारी, सिंधी समाज के युवा समाजसेवी राम हिंदुजा, संस्था के संयोजक माधव मुजुमदार एवं सतराम जेठमलानी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
सभा को संबोधित करते हुए ‘ऑक्सीजन मैन’ के नाम से प्रसिद्ध समाजसेवी राजेश खरे ने कहा कि वर्तमान परिवेश में जब समाज जाति, वर्ग और आर्थिक विषमताओं से जूझ रहा है, ऐसे समय में सेवा एक नई पहल जैसे संगठनों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने कहा कि निराश्रितों के लिए अंतिम संस्कार जैसे दायित्व को निभाना केवल एक सामाजिक कार्य नहीं, बल्कि मानवीय मूल्यों की पुनर्स्थापना है।
राजेश खरे ने आगे कहा कि इस प्रकार की पहल समाज में सद्भाव, समानता और करुणा की नई जागृति लाएगी तथा टूटते सामाजिक संबंधों को फिर से जोड़ने का कार्य करेगी। उन्होंने संस्था के सदस्यों और सहयोगी परिवारों की खुले मन से सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
कार्यक्रम के अंत में दिवंगत आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया तथा उपस्थित सभी लोगों ने सेवा एक नई पहल के इस मानवीय प्रयास को आगे भी निरंतर जारी रखने का संकल्प।
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