हरिद्वार
हरिद्वार स्थित देवसंस्कृति विश्वविद्यालय शांतिकुंज में ‘एआई इम्पेक्ट समिट 2026’ के अंतर्गत ‘एआई फॉर संस्कृति’ विषय पर आज एक विशेष समिट का आयोजन किया जा रहा है। इस समिट में एआई विशेषज्ञों के साथ विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या सहित अनेक अंतरराष्ट्रीय विद्वान संस्कृति के संरक्षण और प्रचार-प्रसार में एआई की भूमिका पर अपने विचार व्यक्त करेंगे। विश्वविद्यालय के मीडिया विभाग के अनुसार, भारत जैसे विविधताओं से भरे देश में सैकड़ों लोक कलाएँ, परंपराएँ और सांस्कृतिक विधाएँ विद्यमान हैं, जिनमें से कई लुप्त होने के कगार पर पहुँच रही हैं। समिट में इन लोक विधाओं के संरक्षण हेतु एआई के माध्यम से डिजिटल आर्काइव तैयार करने, सांस्कृतिक धरोहर के डिजिटलीकरण तथा वैश्विक स्तर पर उनके प्रसार जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। यह समिट विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित होगी। कार्यक्रम का आयोजन इंडिया एआई मिशन (भारत सरकार) और देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। समिट का उद्देश्य तकनीक और परंपरा के समन्वय से सांस्कृतिक विरासत को सशक्त बनाना तथा आने वाली पीढिय़ों के लिए उसे सुरक्षित और सुलभ बनाना है।
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