4 जिलों के 800 गांवों को मिलेगा पानी?, 3645 करोड़ के प्रोजेक्ट का 16 अप्रेल को काम होगा पूरा

राज्य

चित्तौडगढ़़.

जाखम प्रोजेक्ट के तहत चार जिलों को मिलने वाले पानी का इंतजार लम्बा होता जा रहा है। घोषणा के डेढ़ साल बाद भी अभी तक टेक्निकल बिड तक नहीं खुल पाई है। इसे खोलने के लिए 16 फरवरी निर्धारित की थी, जिसे बढ़ाकर 16 अप्रेल कर दिया है। उक्त प्रोजेक्ट को तीन साल में पूरा करना है, जबकि अब तक डेढ़ साल से अधिक समय गुजर चुका है।

राज्य सरकार ने 20224-25 के बजट में जाखम प्रोजेक्ट की घोषणा की थी। पूरे प्रोजेक्ट पर 3645.56 करोड़ रुपए खर्च होंगे। पहले चरण में चित्तौडगढ़़ और प्रतापगढ़ जिलों के करीब 800 गांव 622 ढाणी में पाइप लाइन से पीने का शुद्ध पानी पहुंचाया जाना प्रस्तावित है। प्रथम चरण में 1692.30 करोड़ रुपए खर्च होंगे।

जलदाय विभाग की ओर से इसके लिए टेण्डर आमंत्रित किए गए। टेण्डर को खोलने से पहले टेक्निकल बिड खोली जाती है। इसे खोलने के लिए 16 फरवरी 2026 निर्धारित की गई थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 16 अप्रेल कर दिया है। ऐसे में अब इस पूरे प्रोसेस में देरी होने की संभावना है। उल्लेखनीय है कि तकनीकी बोली को खोलने के बाद टेण्डर खोले जाते हैं। दस्तावेजों की जांच आदि के बाद सबसे कम बोली लगाने वाली फर्म को वर्क ऑर्डर दिया जाता है। इसके बाद काम शुरू होता है।

दूसरे चरण में 1953.26 करोड़ होंगे खर्च
जाखम बांध पेयजल परियोजना दो चरणों में पूरी होगी। पहले चरण में चित्तौडगढ़़ और प्रतापगढ़ जिलों के करीब 800 गांव 622 ढाणी में पानी पहुंचाया जाता है। दूसरे चरण में राजसमंद और उदयपुर जिले के 1697 गांव और ढाणी में पानी पहुंचाने की योजना है। राजसमंद जिले के 790 गांव-ढाणी और उदयपुर जिले के 907 गांव-ढाणी को शामिल किया गया है। इस प्रोजेक्ट के पहले चरण में 1692.30 करोड़ एवं दूसरे चरण में 1953.26 करोड़ रुपए खर्च होंगे।

टेक्निकल बिड अब अप्रेल में खुलेगी
जाखम बांध पेयजल परियोजना के प्रथम चरण में चित्तौडगढ़़ और प्रतापगढ़ के लिए टेण्डर आमंत्रित किए गए हैं, इसकी टेक्निकल बिड 16 फरवरी को खोली जानी थी, जिसे अब अप्रेल में खोला जाएगा।
-सुनीत कुमार गुप्ता, अधीक्षण अभियंता जनस्वास्थ्य अभियांत्री विभाग चित्तौडगढ़़

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