भोपाल
भोपाल स्मारक अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र (बीएमएचआरसी) ने गैस पीड़ितों एवं उनकी आचित संतानों को और अधिक आधुनिक व सुगम स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की है। अस्पताल ने भारत सरकार के उपक्रम एचएलएल इन्फ्राटेक सर्विसेज लिमिटेड (हाइट्स) के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। शनिवार को बीएमएचआरसी की प्रभारी निदेशक डॉ. मनीषा श्रीवास्तव ने हाइट्स के मध्य भारत के जोनल हेड एवं एसोसिएट वाइस प्रेजिडेंट प्रेम प्रकाश के साथ इस एमओयू पर हस्ताक्षर किए।
समझौते के तहत बीएमएचआरसी में उपलब्ध सभी गैस पीड़ितों एवं उनकी आश्रित संतानों के पुराने मेडिकल रिकॉर्ड को स्कैन कर डिजिटल प्रारूप में परिवर्तित किया जाएगा और उन्हें अस्पताल के हॉस्पिटल इन्फॉर्मेशन मैनेजमेंट सिस्टम (एचआईएमएस) से जोड़ा जाएगा। यह कार्य एक वर्ष की निर्धारित अवधि में पूर्ण किया जाएगा। इसके बाद प्रत्येक मरीज का पूरा उपचार इतिहास, जांच रिपोर्ट, दवाओं का विवरण और पूर्व उपचार संबंधी जानकारी सुरक्षित रूप से डिजिटल रूप में उपलब्ध रहेगी।
मेडिकल रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण से उपचार प्रक्रिया अधिक सुगम और प्रभावी होगी। डॉक्टर इलाज के दौरान कंप्यूटर स्क्रीन पर ही मरीज का संपूर्ण स्वास्थ्य विवरण देख सकेंगे, जिससे निर्णय तेऔर सटीकता के साथ लिया जा सकेगा। आपात स्थिति में भी रिकॉर्ड तुरंत उपलब्ध होगा और कागफाइलों पर निर्भरता कम होगी। इससे उपचार में निरंतरता बनी रहेगी, अनावश्यक जांचों की पुनरावृत्ति से बचाव होगा और समय की बचत होगी। साथ ही रिकॉर्ड के सुरक्षित संरक्षण से दस्तावेजों के गुम होने या अतिग्रस्त होने की आशंका भी समाप्त होगी।
बीएमएचआरसी की प्रभारी निदेशक डॉ. मनीषा श्रीवास्तव ने कहा कि भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) और बीएमएचआरसी गैस पीड़ितों को आधुनिक तकनीक आधारित बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। मेडिकल रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण उपचार की गुणवत्ता को और सुदृढ करेगा तथा मरीजों को अधिक तेज, सुरक्षित और पारदर्शी चिकित्सा सुविधा प्रदान करेगा।
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad
