तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान ने ली दो पुलिसकर्मियों की हत्या की जिम्मेदारी, गुरदासपुर में ‘गजवा-ए-हिंद में एक और सफलता’

राज्य

गुरदासपुर.

गांव आदियां में थाना दोरांगला के तहत चेक पोस्ट पर दो पुलिसकर्मियों की संदिग्ध रूप से गोली लगने से मौत के मामले में तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान ने घटना की जिम्मेदारी ली है। सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट में लिखा गया है कि आज 22 फरवरी 2026 को तड़के गजवा-ए-हिंद में एक और सफलता हासिल हुई, जब तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान के अल-बुर्क ब्रिगेड ने गुरदासपुर के दुरंगला पुलिस स्टेशन पर हमला किया।

तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान ने इस हमले की जिम्मेदारी स्वीकार की है, जिसमें दो पुलिसकर्मी शहीद हो गए। भविष्य में भारतीय सरकारी वर्दीधारी अधिकारियों के खिलाफ ऐसे हमले और भी तीव्र रूप से जारी रहेंगे। जनता को सलाह दी जाती है कि वे सेना, पुलिस और बीएसएफ बलों से इस्तीफा दे दें, अन्यथा उन्हें उनके घरों में निशाना बनाया जाएगा। वहीं पुलिस इस पोस्ट की पुष्टि नहीं कर रही है। एसएसपी आदित्य का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। जल्द ही पूरे मामले को लेकर स्थिति स्पष्ट कर दी जाएगी।

मोटरसाइकिलों पर जाते दिखे पांच लोग
गांव आदियां की पुलिस चेक पोस्ट पर दो पुलिस मुलाजिमों की गोली लगने से संदिग्ध मौत के बाद पुलिस आस-पास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने में जुटी हुई है। इस दौरान एक सीसीटीवी कैमरे की फुटेज सामने आई है, जिसमें दो मोटरसाइकिलों पर सवार पांच लोग वहां से गुजरते दिखाई देते हैं। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज कब्जे में लेकर आगे की जांच शुरू कर दी है।

क्या कहना है स्वजनों का
उधर, सिविल अस्पताल पहुंचे मृतकों के स्वजनों का कहना है कि मामले की गहन जांच होनी चाहिए। मृतक गुरनाम सिंह के चाचा के बेटे बलविंदर सिंह और बेटे संदीप सिंह ने बताया कि एएसआइ गुरनाम सिंह की दो बेटियां और एक बेटा है। दोनों बेटियों की शादी हो चुकी है। बेटी मनदीप कौर की शादी करीब एक माह पहले ही हुई थी और कुछ दिन पहले ही वह आस्ट्रेलिया गई है। संदीप सिंह बहन की शादी में शामिल होने के लिए कनाडा से लौटा था। उन्होंने बताया कि गुरनाम सिंह का किसी से कोई झगड़ा नहीं था। इसलिए दोनों पुलिस कर्मियों के आपसी झगड़े की कोई संभावना दिखाई नहीं देती है। उन्होंने बताया कि पुलिस अधिकारी उन्हें फिलहाल कुछ भी नहीं बता रहे हैं।

बलविंदर सिंह ने बताया कि गुरनाम सिंह पहले राज्यपाल की सिक्योरिटी में तैनात थे। सभी बच्चों के विदेश जाने के बाद वह कुछ माह पहले ही थाना दोरांगला में आए थे। वहीं मृतक अशोक कुमार के बेटे संदीप कुमार और अभिषेक कुमार ने बताया कि उन्हें भी सुबह ही घटना के बारे में जानकारी मिली थी। अशोक कुमार शांत स्वभाव के थे और उनका किसी के साथ कोई झगड़ा नहीं था। पुलिस को मामले की जांच कर सच्चाई सभी के सामने लानी चाहिए।

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