निकाय और पंचायत चुनाव से पहले प्रशासन सक्रिय, बीडीओ के तबादले होंगे और प्रभार प्रथा होगी खत्म

राज्य

जयपुर.

निकाय व पंचायती राज संस्थाओं के आम चुनाव-2026 से पहले प्रशासन ने ‘चुनावी मोड’ में कदम बढ़ा दिए हैं। निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने के लिए प्रदेशभर में पंचायत समिति विकास अधिकारियों (बीडीओ) के तबादलों का बड़ा फैसला लिया गया है। आदेश के अनुसार अब कोई भी बीडीओ अपनी गृह पंचायत समिति में पदस्थापित नहीं रहेगा।

साथ ही जो अधिकारी पिछले चार वर्षों में तीन वर्ष से अधिक समय तक एक ही जिला, नगर पालिका या पंचायत समिति क्षेत्र में कार्यरत रहे हैं, उन्हें तत्काल प्रभाव से हटाया जाएगा।

अतिरिक्त कार्यभार भी होगा समाप्त
जिन अधिकारियों को लंबे समय से विकास अधिकारी के रिक्त पद का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है और वे तीन वर्ष से अधिक समय से एक ही क्षेत्र में कार्यरत हैं, उनका अतिरिक्त कार्यभार भी तुरंत हटाया जाएगा। विभाग का उद्देश्य है कि चुनाव के दौरान कोई भी अधिकारी अत्यधिक प्रभावशाली स्थिति में न रहे।

जिला परिषद सीईओ पर जिम्मेदारी
ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग ने सभी जिला परिषदों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने जिलों में पदस्थापित बीडीओ की सूची तैयार कर जांच करें। तीन दिन के भीतर अनुपालन रिपोर्ट अनिवार्य रूप से भेजनी होगी। रिपोर्ट में देरी होने पर संबंधित सीईओ की जिम्मेदारी तय की जाएगी।

जयपुर ग्रामीण में दिखेगा असर
पंचायत समिति बस्सी सहित जयपुर ग्रामीण क्षेत्र की बस्सी, चाकसू, जमवारामगढ़, तूंगा, आंधी और कोटखावदा पंचायत समितियों में वर्षों से जमे अधिकारियों पर इस आदेश का सीधा असर पड़ेगा।

इनका कहना है…
राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार यह कदम उठाया गया है। चुनाव निष्पक्ष व पारदर्शी ढंग से कराने के लिए निर्धारित अवधि से अधिक समय से एक ही स्थान पर तैनात अधिकारियों को हटाया जा रहा है। आदेशों की समयबद्ध पालना सुनिश्चित की जाएगी और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
– डॉ. जोगराम, शासन सचिव एवं आयुक्त, ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग

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