चंडीगढ़.
मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में सोमवार को हुई पंजाब कैबिनेट की बैठक में 2026-27 के लिए एक्साइज पॉलिसी को मंजूरी दे दी गई। नई नीति के अनुसार, भारत में बनी विदेशी शराब (आइएसएफएल) और इंपोर्टेड विदेशी शराब (आईएफएल) प्रति बोतल 20 से 30 रुपये महंगी हो जाएगी।
देसी शराब की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन कोटा बढ़ाकर 8.79 करोड़ प्रूफ लीटर कर दिया गया है। पिछले वर्ष यह 8.53 करोड़ प्रूफ लीटर था। बीयर की दुकान की फीस में भी 5000 रुपये की बढ़ोत्तरी की गई है।
₹11,020 करोड़ जुटाने का लक्ष्य
आबकारी एवं कराधान मंत्री हरपाल चीमा ने बताया कि चालू वित्तमंत्री वर्ष में सरकार ने 11,020 करोड़ रुपये का लक्ष्य निर्धारित किया था, जोकि पूरा हो गया है। अगले वित्तीय वर्ष में यह लक्ष्य 12,800 करोड़ रुपये रखा गया है। इस तरह राजस्व में 1780 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी का लक्ष्य है। इससे मार्च महीने में सरकारी खजाने में ज़्यादा पैसे आएंगे। अनुमान है कि इस बार एक्साइज से 11,600 करोड़ रुपये का राजस्व मिल सकता है। वित्तमंत्री ने बताया कि नई पालिसी के तहत सरकार मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स को अगले वित्तीय वर्ष में सिंगल माल्ट (एक ही अनाज जौ से बनी शराब) व्हिस्की बनाने की भी इजाजत देगी। सिंगल माल्ट एक प्रीमियम शराब है। सरकार ने बीयर की दुकानों के लिए लाइसेंस फ़ीस बढ़ा दी है। पिछले साल इसे दो लाख रुपये प्रति दुकान से घटाकर 25,000 रुपये प्रति दुकान कर दिया गया था। अब इसे 30,000 रुपये प्रति दुकान कर दिया गया है।
शाम 5 बजे तक की इजाजत
हालांकि, पिछले साल के मुकाबले ग्रुप की संख्या में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। इस बार भी ग्रुपों की संख्या 207 ही रहेगी। सरकार डिस्टिलरी की डिस्पैच और ऑपरेटिंग घंटे बढ़ाने की लंबे समय से चली आ रही मांग पर भी सहमत हो गई है। इसे शाम 5 बजे तक कर दिया गया है। कुछ दूसरे राज्य रात 10 बजे तक इसकी इजाजत देते हैं।
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