जयपुर
राजस्थान में दो से अधिक बच्चे वाले भी अब पंचायत और नगरपालिका चुनाव लड़ सकते हैं. राजस्थान कैबिनेट का फैसला. कानून मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा- ‘कैबिनेट ने राजस्थान पंचायतीराज संशोधन बिल और राजस्थान नगरपालिका संशोधन बिल 2026 को मंजूरी दे दी है. कैबिनेट से मंजूरी के बाद पूरी संभावना है कि यही बिल राजस्थान विधानसभा के मौजूदा सत्र में पेश किया जाएगा. इससे पहले दो से अधिक बच्चे वाले पंचायत व नगरपालिका चुनाव नहीं लड़ सकते थे.
समय की जरूरत है दो बच्चों की बाध्यता को हटाना: राज्यवर्धन सिंह राठौड़
कैबिनेट बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में राज्य के उद्योग मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कहा कि राजस्थान सरकार ने आज बड़ा फैसला करते हुए पंचायत और नगरपालिका चुनाव में दो संतान का नियम हटा दिया है. अब किसी व्यक्ति के कितने भी बच्चे हैं वो पंचायत और नगरपालिका चुनाव लड़ सकता है. इससे पहले दो से अधिक संतान पर पंचायत और स्थानीय निकाय के चुनाव लड़ने पर रोक थी. राजस्थान के उद्योग मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कहा ये समय की जरूरत है, इसलिए फैसला किया. राठौड़ ने कहा आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत या बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री के बयान से इस फैसले का कोई संबंध नहीं है. राठौड़ ने कहा कि अगर हम उनके बयान से फैसला करते तो तीन बच्चे की भी बात कर सकते थे.
1995 में भैरोंसिंह शेखावत की अगुवाई वाली बीजेपी सरकार ने राजस्थान में पंचायत चुनाव लड़ने के लिए दो बच्चों की बाध्यता लागू की थी. अब बीजेपी की भजनलाल सरकार ने ही इसे पलट दिया है.
पंचायती राज चुनाव में दो संतानों की पाबंदी हटाने के मामले पर मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि पहले जनसंख्या का दबाव काफी तेज था, अलग तरह की स्थिति थी, अब पहले से हालत में सुधार हुआ, ऐसे में पहले जैसे स्थिति नहीं है.
पंचायती राज चुनाव में दो संतान से अधिक संतान होने की धारा 19 के मामले में उसके स्पष्टीकरण में नगर पालिका की धारा 24 में संशोधन करके दो या अधिक संतान होने के बावजूद भी अगर जानते जनप्रतिनिधि अन्य योग्यताएं रखता है. चाहे पंचायती राज का इलेक्शन हो या नगर निगम का कोई इलेक्शन है चुनाव लड़ने के लिए योग्य माना जाएगा.
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