नवाचार और नारी सहभागिता पर होगा विशेष फोकस

मध्य प्रदेश राज्य

भोपाल

मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (मैपकास्ट) द्वारा 28 फरवरी को ‘राष्ट्रीय विज्ञान दिवस’ के अवसर पर प्रदेश में विज्ञान जागरूकता एवं नवाचार आधारित विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस वर्ष राष्ट्रीय विज्ञान दिवस की थीम ‘वीमेन इन साइंस: कैटेलाइजिंग विकसित भारत’ है, जो विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में महिलाओं की सशक्त भूमिका और विकसित भारत के निर्माण में उनकी सक्रिय सहभागिता को रेखांकित करती है। थीम के अनुरूप आयोजनों में विज्ञान एवं अनुसंधान में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने, महिला वैज्ञानिकों की उपलब्धियों को सम्मानित करने और छात्राओं को विज्ञान के क्षेत्र में करियर के लिए प्रेरित करने पर विशेष बल दिया जाएगा।

राष्ट्रीय विज्ञान दिवस 2026 का राज्य स्तरीय मुख्य कार्यक्रम 28 फरवरी को रवीन्द्र भवन, भोपाल में आयोजित होगा। कार्यक्रम में महिला वैज्ञानिकों एवं नवाचारकर्ताओं के विचार-विमर्श, विशेषज्ञ व्याख्यान, आईआईटी (बीएचयू), वाराणसी द्वारा ‘स्टेम शो’ और 41वें युवा वैज्ञानिक सम्मेलन के विजेताओं को पुरस्कार वितरण किया जाएगा। आयोजन में लगभग 1500 विद्यार्थी एवं शिक्षक प्रत्यक्ष रूप से सहभागी होंगे। साथ ही प्रदेश के विद्यालयों, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों, स्वैच्छिक संगठनों और अनुसंधान संस्थानों से विद्यार्थी, शिक्षक, वैज्ञानिक एवं विज्ञान संचारक कार्यक्रम से ऑनलाइन जुड़ेंगे।

राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर प्रदेश के 45 जिलों में लगभग 260 शैक्षणिक एवं अनुसंधान संस्थानों के सहयोग से व्यापक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें विज्ञान मॉडल प्रदर्शनियां, प्रेरक व्याख्यान, विज्ञान जागरूकता गतिविधियां, विद्यार्थी-उन्मुख कार्यक्रम, नवाचार आधारित प्रतियोगिताएं, विज्ञान फिल्म प्रदर्शन, भारतीय वैज्ञानिकों के योगदान पर संवाद तथा विद्यार्थी–वैज्ञानिक संवाद शामिल होंगे। इन गतिविधियों का उद्देश्य समाज में वैज्ञानिक चेतना और तार्किक सोच को प्रोत्साहित करना है।

राष्ट्रीय विज्ञान दिवस प्रतिवर्ष 28 फरवरी को महान भारतीय वैज्ञानिक सर सी.वी. रमन द्वारा वर्ष 1928 में ‘रमन प्रभाव’ की खोज की स्मृति में मनाया जाता है। इस खोज के लिए उन्हें वर्ष 1930 में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। वर्ष 1986 में भारत सरकार ने 28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस घोषित किया। इस दिवस का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं आमजन को विज्ञान के प्रति प्रेरित करना, वैज्ञानिक उपलब्धियों के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा समाज में वैज्ञानिक दृष्टिकोण को सुदृढ़ करना है।

मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद द्वारा आयोजित यह पहल प्रदेश में वैज्ञानिक सोच, नवाचार संस्कृति एवं लैंगिक समानता को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। परिषद का लक्ष्य महान वैज्ञानिक सी.वी. रमन की विरासत से प्रेरणा लेते हुए “विकसित भारत” के निर्माण में विज्ञान तथा विशेष रूप से महिलाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है।

 

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