बलूच विरोध से घबराई ISI: मुख्यालय के पास तोड़े घर, हर रात कर्फ्यू का ऐलान

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इस्लामाबाद
पाकिस्तान की सेना ने बलूचिस्तान के नुश्की जिले के काजियाबाद इलाके में आईएसएआई मुख्यालय के पास कई घर गिरा दिए हैं। बलूचिस्तान पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार इन घरों में रहने वाले लोगों को कई दिन पहले ही नोटिस जारी किए गए थे। उन्हें कहा गया था कि वे घर छोड़ दें। इन नोटिस में लिखा गया था कि तय समयसीमा के भीतर यदि ये लोग घरों से बाहर नहीं निकले तो इमारतों को जमींदोज कर दिया जाएगा। बीते कुछ दिनों में पाकिस्तानी सेना ने कई घरों को गिरा दिया है। इन घरों को विस्फोटक और अन्य भारी उपकरण लगाकर गिराया गया है। माना जा रहा है कि आईएसआई के पास बनी इन इमारतों से हमला होने का खतरा था। इसलिए उन्हें गिरा दिया गया है।

कहा जा रहा है कि जिन इमारतों को गिराया गया है, उनमें से एक मकान बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी के नेता बशीर जेब बलोच का पैतृक आवास है। इसके अलावा भी कई राजनीतिक लोगों के घरों को गिराया गया है। बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी के ऑपरेशन हेरॉफ के बाद पाकिस्तान ने यह कार्रवाई की है। माना जा रहा है कि इस इलाके में पाकिस्तान को बलूचों से डर सता रहा था। इसी के चलते उसने उनके घर तक गिरा दिए हैं। यही नहीं बलूचिस्तान पोस्ट की रिपोर्ट में तो कहा गया है कि कच्छ और ग्वादर जैसे इलाकों में भी इमारतों को जमींदोज किया गया है।

हर दिन शाम 6 बजे के बाद लगेगा कर्फ्यू
नुश्की के काजियाबाद के लोगों का कहना है कि प्रशासन ने हर दिन शाम को 6 बजे के बाद यहां कर्फ्यू लगाने का फैसला भी लिया है। स्थानीय लोगों के अनुसार सुरक्षा बलों ने चेतावनी दी है कि जब तक यहां के लोग पाकिस्तान के समर्थन में रैली नहीं निकालते हैं और अपने घरों में पाकिस्तानी झंडा नहीं फहराते हैं। तब तक कर्फ्यू हर दिन लगता रहेगा। वित्तीय संस्थानों पर भी यह बात लागू की गई है। बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी ने 31 जनवरी को कई शहरों में ऑपरेशन हेराफ लॉन्च किया था। इसमें उसने बड़ी संख्या में पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया था। उसके बाद ही पाकिस्तान ने यह ऐक्शन लिया है।

पूरे नुश्की शहर को ही बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी ने घेरा था
बता दें कि एक साथ कई शहरों में हमले करके पाकिस्तान को बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी ने करारा झटका दिया है। उसके बाद से ही पाकिस्तानी सरकार और सेना बौखलाए हुए हैं। दरअसल बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी ने हमलों के दौरान नुश्की शहर को ही घेर लिया था। माना जा रहा है कि इसी के चलते पाकिस्तानी सेना ने यह ऐक्शन लिया है। इसके अलावा आईएसआई के मुख्यालय पर भी हमले का डर है।

 

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