ईरान
ईरान पर अमेरिकी हमलों की आशंका बढ़ने के बीच अमेरिकी सांसद ने ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मंसूबों पर सवाल उठाए हैं। सोमालियाई मूल की अमेरिकी सांसद इल्हान उमर ने शुक्रवार को अमेरिकी सरकार पर तीखे सवाल उठाए कि अमेरिका रमजान के महीने में ही मुस्लिम देशों को निशाना क्यों बनाता है। उन्होंने इस दौरान पूर्व में इराक पर अमेरिका के हमलों का भी जिक्र किया।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में इल्हान उमर ने लिखा, “अमेरिका ने रमजान के दौरान इराक पर हमला किया था और यह जानकर दुख हो रहा है कि अमेरिका एक बार फिर रमजान में ही ईरान पर हमला करने जा रहा है। संभवतः अमेरिका को रमजान के दौरान ही मुस्लिम देशों पर हमला करना पसंद है।” अमेरिकी सांसद ने आगे कहा, “और मुझे यकीन है कि इन देशों पर अंतर्राष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन ना करने की वजह से ये हमले नहीं किए जा रहे बल्कि इसीलिए कि वे किसकी पूजा करते हैं।”
मंडरा रहा हमले का खतरा
इससे पहले अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। ट्रंप कई बार यह कह चुके हैं कि बातचीत से कोई रास्ता नहीं निकला तो वे हमला करने से पीछे नहीं हटेंगे। हालांकि दोनों पक्षों के बीच बातचीत जारी है, लेकिन कोई सहमति बनती नहीं दिख रही है। ईरान ने साफ तौर पर कहा है कि वह यूरेनियम संवर्धन जारी रखेगा और यही अमेरिका के लिए लाल रेखा है। अमेरिका ने क्षेत्र में बड़ी संख्या में लड़ाकू विमान और युद्धपोत तैनात कर दिए हैं।
तीसरे दौर की वार्ता का क्या निकला नतीजा?
इस बीच ईरान और अमेरिका ने गुरुवार को तेहरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर कई घंटे तक अप्रत्यक्ष वार्ता की, लेकिन कोई समझौता नहीं हो सका। जिनेवा में हुई वार्ता में मध्यस्थता करने वाले ओमान के विदेश मंत्री बद्र अलबुसैदी ने कहा कि बातचीत में 'महत्वपूर्ण प्रगति' हुई है।
वहीं ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि ईरानी परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका के साथ अप्रत्यक्ष वार्ता देश की 'सबसे गहन और लंबी वार्ताओं' में से एक रही। अराघची ने गुरुवार को ईरान के सरकारी टेलीविजन को दिए एक साक्षात्कार में यह बात कही। वहीं अमेरिका ने अभी तक वार्ता को लेकर कोई टिप्पणी नहीं की है।
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