होली का उत्सव चरम पर, रांची के बाजारों में हर्बल गुलाल और रंगों की बहार

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रांची

 झारखंड की राजधानी रांची होली के रंगों में पूरी तरह रंग गई है। अपर बाजार की गलियों में रंग, गुलाल, पिचकारी और अबीर के पैकेट सजे हुए हैं, जो ग्राहकों को खूब आकर्षित कर रहे हैं। दिल्ली, कोलकाता और चास से मंगाई गई सामग्री के अलावा चाइनीज होली आइटम भी बाजार में उपलब्ध हैं।

विविध डिजाइन की पिचकारियां बाजार का केंद्र
छोटे बच्चों से लेकर बड़ों तक के लिए विविध डिजाइन की पिचकारियां बाजार का केंद्र हैं। इलेक्ट्रिक और म्यूजिकल पिचकारियां, गिटार, कार गन, सैस टैंक, पॉप पिचकारी, परी, प्रेशर गन समेत अनेक डिजाइन उपलब्ध हैं। कार्टून कैरेक्टर वाली पिचकारियों की कीमत 50 से 500 रुपये तक है। इस बार नई इलेक्ट्रिक पिचकारियां बैटरी से चलती हैं, जबकि म्यूजिकल पिचकारियां 300 से 1500 रुपये में मिल रही हैं। फायर विधकारी, जेट ब्लास्टर और सिलेंडर आकार की फायर पिचकारी (लाल, गुलाबी, नीला, हरा आदि रंगों में) चार से छह किलो के पैक में 800 से 2000 रुपये तक उपलब्ध हैं। दबाने पर ये तेज रंग की धार छोड़ती हैं। होली के लिए फेस मास्क और बालों की विग्स भी खूब बिक रही हैं। आयरन मैन, स्पाइडर मैन, भूत ड्रेकुला, एनिमल डिजाइन के प्लास्टिक-रबर मास्क 20 से 100 रुपये में मिल रहे हैं। मलिंगा हेयर, कलरफुल हेयर विग और प्लेन गर्ल विग 100 से 200 रुपये के दायरे में हैं।

हर्बल अबीर की डिमांड सबसे ज्यादा
अपर बाजार के एक व्यवसायी ने बताया, 'होली को लेकर हर्बल व ऑर्गेनिक रंग-गुलाल की भारी मांग है। हर उम्र और बजट के लिए अलग-अलग पिचकारी व मास्क मंगाए गए हैं।' पूजा भंडार के मालिक ने कहा, 'हर्बल अबीर की डिमांड सबसे ज्यादा है, जो दिल्ली-कोलकाता से मंगाया गया। लड्डू गोपाल की पिचकारी, वस्त्र व बाल्टी मथुरा से लाए गए हैं।'

 

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