लटकते तारों और जर्जर बाउंड्री के बीच पढ़ाई को मजबूर नन्हे कदम

मध्य प्रदेश राज्य

राजेन्द्रग्राम/छबिलाल

तहसील पुष्पराजगढ़ मुख्यालय से लगभग 40 किलोमीटर दूर स्थित पाला डिगवार का शासकीय प्राथमिक विद्यालय इन दिनों बुनियादी सुविधाओं के अभाव में जूझ रहा है। कक्षा पहली से पांचवीं तक अध्ययनरत 48 मासूम विद्यार्थी खतरे के साये में शिक्षा ग्रहण करने को मजबूर हैं। विद्यालय परिसर में लगे विद्युत ट्रांसफॉर्मर के तार जमीन पर लटक रहे हैं, जिससे विशेषकर बरसात या जमीन गीली होने की स्थिति में करंट फैलने का खतरा बना रहता है। बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर आशंका के बावजूद जिम्मेदार विभाग मौन नजर आ रहे हैं।

हाल ही में पंचायत द्वारा विद्यालय की बाउंड्री वॉल का निर्माण कराया गया, लेकिन निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। दीवारों में जगह-जगह दरारें और छेद दिखाई दे रहे हैं तथा बिना रिंग के खंभे तैयार कर बाउंड्री खड़ी कर दी गई है। लगभग पंद्रह दिन पूर्व कार्य पूर्ण बताकर इसे विद्यालय को सौंप दिया गया, किंतु स्थिति ऐसी है मानो अधूरा काम छोड़ दिया गया हो। कमजोर निर्माण के कारण जहरीले जीव-जंतुओं के प्रवेश का खतरा भी बना हुआ है, जिससे छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों में चिंता व्याप्त है।

विद्यालय परिसर में लगे हैंडपंप के लिए सोख्ता गड्ढा नहीं बनाए जाने से पानी पूरे बाउंड्री क्षेत्र में फैल जाता है और जलभराव की स्थिति निर्मित हो जाती है। बच्चे इसी परिसर में खेलते हैं, जहां नीचे पानी भरा रहता है और ऊपर बिजली के तार लटक रहे हैं, जिससे खतरा और बढ़ जाता है। विद्यालय के शिक्षक इंद्र सिंह राजपूत के अनुसार स्कूल में अब तक किचन सेट का निर्माण नहीं हो पाया है, जिससे मध्यान्ह भोजन व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर कब तक नन्हे विद्यार्थी मूलभूत सुविधाओं और सुरक्षा के अभाव में पढ़ाई करने को मजबूर रहेंगे और जिम्मेदार अधिकारी इस ओर कब ध्यान देंगे।

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