‘करो या मरो’ मैच में क्या खेलेंगे रिंकू सिंह? BCCI अपडेट से बढ़ी टीम इंडिया की उम्मीदें

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मुंबई
टीम इंडिया के युवा बल्लेबाज रिंकू सिंह पिता के निधन के बावजूद कोलकाता में 28 फरवरी को वेस्टइंडीज के खिलाफ सुपर-8 मैच से पहले टीम से जुड़ेंगे। भारत और वेस्टइंडीज के बीच 1 मार्च को कोलकाता के ऐतिहासिक ईडन गार्डन्स में सुपर-8 मुकाबला होने जा रहा है, और इस मैच से पहले टीम इंडिया के युवा बल्लेबाज रिंकू सिंह को लेकर बड़ी खबर आई है। रिंकू सिंह पिता के निधन के बावजूद टीम इंडिया से जुड़ने के लिए तैयार हैं। बीसीसीआई मैनेजमेंट के अनुसार, वे 28 फरवरी, रविवार को वेस्टइंडीज के खिलाफ ‘करो या मरो’ मुकाबले से पहले कोलकाता पहुंचेंगे।

रिंकू सिंह के पिता खानचंद सिंह का 27 फरवरी की सुबह ग्रेटर नोएडा के अस्पताल में कैंसर के लंबे इलाज के बाद निधन हो गया। रिंकू ने अपने पिता की अंतिम यात्रा में शामिल होकर उन्हें कंधा दिया। अलिगढ़ में आयोजित अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और क्रिकेट जगत के कई दिग्गजों ने संवेदनाएं व्यक्त की। BCCI के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने इस घटना को बेहद दुखद बताया।

पिता मिलने गए थे घर
टीम इंडिया T20 वर्ल्ड कप की डिफेंडिंग चैंपियन है और 27 फरवरी की शाम कोलकाता पहुंच चुकी है। रिंकू इससे पहले साउथ अफ्रीका के खिलाफ सुपर-8 मैच के बाद अपने पिता की बिगड़ती तबीयत के कारण टीम से घर लौट गए थे। बाद में उन्होंने जिम्बाब्वे के खिलाफ मुकाबले से पहले चेन्नई में टीम से फिर जुड़कर खेल जारी रखा।

मिला-जुला रहा रिंकू का प्रदर्शन
इस वर्ल्ड कप में रिंकू का प्रदर्शन मिला-जुला रहा है। उन्हें अधिकांश मैचों में आखिरी ओवरों में बल्लेबाजी का मौका मिला। पांच पारियों में उन्होंने कुल 24 रन बनाए, जिनमें दो बार नाबाद रहे और उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 11* रहा। इस साल खेले गए 10 T20I मैचों में रिंकू ने 8 पारियों में 115 रन बनाए हैं। उनका औसत 28.75 और स्ट्राइक रेट 132.18 रहा है, जबकि सर्वश्रेष्ठ स्कोर नाबाद 44 रन रहा।

वेस्टइंडीज के खिलाफ आगामी मुकाबला भारतीय टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इस मैच का विजेता ग्रुप-1 से साउथ अफ्रीका के साथ सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई करेगा। रिंकू सिंह के लिए यह मैच खास महत्व रखता है, क्योंकि वे टीम में वापसी कर अपनी क्षमता दिखाने को तैयार हैं। उनके प्रदर्शन पर अब सभी की नजरें टिकी रहेंगी। रिंकू सिंह की वापसी न केवल उनके व्यक्तिगत संघर्ष और समर्पण की कहानी है, बल्कि यह भारतीय टीम की ताकत को भी बढ़ाएगी। इस मैच में उनकी भूमिका निर्णायक साबित हो सकती है।

 

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