खामेनेई की मौत से तनाव: दूतावास के बाहर उपद्रव, अमेरिकी फायरिंग में 8 पाकिस्तानी प्रदर्शनकारी ढेर

दुनिया

ईरान
ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की हत्या के विरोध में पाकिस्तान का औद्योगिक शहर कराची रविवार को रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। अमेरिकी वाणिज्य दूतावास की ओर मार्च कर रहे प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच हुई हिंसक झड़प में कम से कम 8 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 30 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हैं। यह हिंसा उस समय भड़की जब प्रदर्शनकारियों ने दूतावास की सुरक्षा घेराबंदी को तोड़ने का प्रयास किया।

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, विभिन्न शिया समूहों द्वारा आयोजित इस विरोध प्रदर्शन की शुरुआत सुल्तानबाद से हुई थी। प्रदर्शनकारी 'माई कोलाची' मार्ग से होते हुए अमेरिकी वाणिज्य दूतावास की ओर बढ़ रहे थे। भीड़ वाशिंगटन और तेल अवीव के खिलाफ नारेबाजी कर रही थी। जैसे ही प्रदर्शनकारी डिप्लोमैटिक जोन के करीब पहुंचे, पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बैरिकेड्स लगा दिए। प्रदर्शनकारियों द्वारा कथित तौर पर पथराव किए जाने के बाद पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। स्थिति तब और बिगड़ गई जब भीड़ ने प्रतिबंधित क्षेत्र में घुसने की कोशिश की।

फायरिंग और मौतों का मंजर
तनाव चरम पर पहुंचने के बाद वाणिज्य दूतावास के अंदर तैनात अमेरिकी मरीन सुरक्षा कर्मियों को 'हाई अलर्ट' पर रखा गया था। पाकिस्तान के 'समा टीवी' की रिपोर्ट के अनुसार, दूतावास की सुरक्षा में तैनात सैन्य कर्मियों और प्रदर्शनकारियों के बीच सीधा टकराव हुआ, जिसके दौरान हुई फायरिंग में 8 लोगों की जान चली गई। हालांकि, पाकिस्तानी अधिकारियों या अमेरिकी दूतावास ने अभी तक आधिकारिक तौर पर इन मौतों की पुष्टि नहीं की है, लेकिन अस्पतालों से मिल रही जानकारी के अनुसार हताहतों की संख्या बढ़ सकती है।

पूरे कराची में फैला तनाव
खामेनेई की मौत की खबर मिलते ही कराची के विभिन्न हिस्सों, जैसे नसीम चौरंगी और अन्य इमामबाड़ों में मातम छा गया, जो जल्द ही गुस्से में बदल गया। प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से एम.टी. खान रोड और दूतावास की ओर जाने वाले सभी प्रमुख चौराहों को पूरी तरह सील कर दिया है। ट्रैफिक पुलिस ने नागरिकों को प्रभावित इलाकों से दूर रहने की सलाह दी है।

क्षेत्रीय तनाव का असर
कराची में भड़की यह हिंसा उस वैश्विक उबाल का हिस्सा है जो शनिवार को ईरान पर हुए इजरायल-अमेरिकी हमलों के बाद देखा जा रहा है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि अमेरिका और इजरायल ने अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन कर ईरान की संप्रभुता पर हमला किया है। देर रात तक कराची में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई थी। कानून प्रवर्तन एजेंसियां अतिरिक्त बल की तैनाती कर व्यवस्था बहाल करने की कोशिश कर रही हैं, जबकि दूतावास के आसपास सुरक्षा घेरा और कड़ा कर दिया गया है।

 

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