सतना
मैहर जिला में मौजूद त्रिकूट वासिनी माँ शारदा मंदिर में चंद्रग्रहण के अवसर पर मंदिर परंपरा अनुसार दर्शन व्यवस्था में परिवर्तन किया गया है। मंदिर प्रशासन एवं प्रधान पुजारी पवन महाराज द्वारा जारी सूचना के अनुसार 3 मार्च को सायं 5:00 बजे माता शारदा की आरती एवं पूजन संपन्न होने के पश्चात गर्भगृह के पट सायं 5:30 बजे बंद कर दिए जाएंगे।
4 मार्च को अभिषेक के बाद खुलेंगे पट
बताया गया है कि 4 मार्च को माता का अभिषेक एवं विधिवत पूजा-अर्चना पूर्ण होने के बाद गर्भगृह के पट पुनः दर्शनार्थियों के लिए खोल दिए जाएंगे। मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे दर्शन के लिए निर्धारित समय से पूर्व मंदिर परिसर पहुंचें तथा व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।
3 मार्च को कितने बजे लग रहा चंद्रग्रहण
3 मार्च को दोपहर 3 बजकर 20 मिनट से शाम को 6 बजकर 47 मिनट तक चंद्रग्रहण रहेगा. सुबह 6 बजकर 20 मिनट पर सूतक काल लग जाएगा. इस दौरान कोई भी शुभ काम, पूजा-पाठ नहीं होंगे. गर्भवती महिलाएं घर से बाहर नहीं निकल सकतीं. सूतक काल लगने के बाद से चंद्रग्रहण तक मंदिरों के पट बंद रहेंगे. एमपी के मैहर में त्रिकूट पर्वत पर विराजमान मां शारदा के दर्शन करने आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण सूचना जारी कर दी गई है.
ग्रहण के चलते मंदिरों के पट हो जाएंगे बंद
3 मार्च को लगने वाले चंद्रग्रहण के चलते मां शारदा मंदिर की दर्शन व्यवस्था में अस्थायी बदलाव किया गया है. मंदिर की प्राचीन धार्मिक परंपराओं और ग्रहण काल के नियमों का पालन करते हुए 3 मार्च की शाम को गर्भगृह के पट निर्धारित समय से पहले बंद कर दिए जाएंगे. मंदिर के प्रधान पुजारी पवन महाराज द्वारा जारी सूचना के अनुसार, श्रद्धालुओं से दर्शन के लिए निर्धारित समय का विशेष ध्यान रखने की अपील की गई है, ताकि किसी प्रकार की असुविधा न हो.
3 मार्च को शाम 5:30 बजे बंद होंगे गर्भगृह के पट
मंदिर प्रशासन द्वारा जारी समय-सारणी के अनुसार 3 मार्च को चंद्रग्रहण के दिन शाम 5:00 बजे मां शारदा की सांध्यकालीन आरती व विशेष पूजन किया जाएगा. आरती के बाद ठीक शाम 5:30 बजे गर्भगृह के पट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ बंद कर दिए जाएंगे. पट बंद होने के बाद मंदिर के गर्भगृह में किसी भी श्रद्धालु को प्रवेश या दर्शन की अनुमति नहीं होगी. इसलिए मंदिर प्रबंधन ने श्रद्धालुओं से आग्रह किया है कि वे समय रहते मंदिर पहुंचकर दर्शन कर लें.
ग्रहण समाप्ति के बाद 4 मार्च को होगा शुद्धिकरण
चंद्रग्रहण समाप्त होने के बाद 4 मार्च को मंदिर के गर्भगृह का विधि-विधान से शुद्धिकरण किया जाएगा. इसके बाद मां शारदा का पवित्र जल से अभिषेक एवं विशेष पूजा-अर्चना संपन्न की जाएगी. पूजन और अभिषेक की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद ही गर्भगृह के पट दोबारा श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोले जाएंगे. इसके बाद नियमित दर्शन व्यवस्था शुरू हो जाएगी.
प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं मैहर
मां शारदा मंदिर देश के प्रमुख शक्तिपीठों में से एक माना जाता है, जहां प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं. विशेष अवसरों और त्योहारों पर श्रद्धालुओं की संख्या लाखों तक पहुंच जाती है. चंद्रग्रहण के कारण दर्शन व्यवस्था में बदलाव होने से दूर-दराज से आने वाले भक्तों को पहले से जानकारी देना आवश्यक माना गया है.
श्रद्धालुओं से समय का ध्यान रखने की अपील
मंदिर प्रबंधन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि जो भक्त 3 मार्च को दर्शन के लिए आने वाले हैं, वे शाम 5:30 बजे से पहले मंदिर परिसर पहुंच जाएं. निर्धारित समय के बाद दर्शन संभव नहीं होगा. प्रबंधन ने श्रद्धालुओं से मंदिर परिसर में अनुशासन और व्यवस्था बनाए रखने व प्रशासन का सहयोग करने का भी अनुरोध किया है, ताकि सभी भक्तों को सुगमता से दर्शन का लाभ मिल सके.
परंपराओं के पालन हेतु मंदिर प्रबंधन की अपील
मंदिर प्रबंधन ने कहा है कि ग्रहण काल की परंपराओं के पालन हेतु यह व्यवस्था की गई है और सभी भक्तों से समय का विशेष ध्यान रखने का अनुरोध किया गया है।
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