नई दिल्ली
भारत ने अपनी सैन्य शक्ति को आधुनिक बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है. 3 मार्च 2026 को नई दिल्ली के साउथ ब्लॉक में रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह की मौजूदगी में दो अहम समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए. कुल 5,083 करोड़ रुपये के इन सौदों का सीधा असर भारत की समुद्री सीमा और हवाई सुरक्षा पर पड़ेगा. सरकार का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर तनाव बढ़ रहा है और समुद्री सुरक्षा एक बड़ी चुनौती बनकर उभरी है.
स्वदेशी हेलीकॉप्टर और ‘मेक इन इंडिया’ को रफ्तार
इस मेगा डील का पहला हिस्सा हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के साथ हुआ है. इसके तहत 2,901 करोड़ रुपये की लागत से 6 एडवांस्ड लाइट (ध्रुव) हेलीकॉप्टर (ALH Mk-III) भारतीय कोस्ट गार्ड के लिए खरीदे जाएंगे. ये हेलीकॉप्टर समुद्री निगरानी, मछुआरों की सुरक्षा और पर्यावरण की देखरेख में गेमचेंजर साबित होंगे. सबसे बड़ी बात यह है कि इस प्रोजेक्ट से 200 से ज्यादा MSMEs को फायदा होगा और करीब 65 लाख मानव-घंटों का रोजगार पैदा होगा. यह ‘आत्मनिर्भर भारत’ के सपने को सच करने की दिशा में मील का पत्थर है.
रूसी मिसाइलों से लैस होंगे भारतीय युद्धपोत
दूसरा समझौता भारतीय नौसेना की हवाई सुरक्षा को मजबूत करने के लिए किया गया है. 2,182 करोड़ रुपये की लागत से रूस की कंपनी रोसोबोरोनएक्सपोर्ट के साथ ‘वर्टिकल लॉन्च श्टिल’ मिसाइलों का सौदा हुआ है. ये मिसाइलें युद्धपोतों पर तैनात की जाएंगी, जो दुश्मन के विमानों और मिसाइलों को पलक झपकते ही तबाह करने की क्षमता रखती हैं. इससे न केवल नौसेना की ताकत बढ़ेगी, बल्कि भारत और रूस की पुरानी रक्षा साझेदारी को भी नई ऊर्जा मिलेगी.
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad
