चुनावी सरगर्मी तेज: भाजपा ने घोषित किए 9 प्रत्याशी, लक्ष्मी वर्मा को छत्तीसगढ़ से मौका

छत्तीसगढ़ रायपुर

रायपुर 

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आगामी राज्यसभा चुनावों के लिए अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। पार्टी ने रणनीतिक बदलाव करते हुए बिहार, असम, छत्तीसगढ़, हरियाणा, ओडिशा और पश्चिम बंगाल से कुल नौ चेहरों पर दांव लगाया है। इस सूची में अनुभवी संगठनकर्ताओं और क्षेत्रीय क्षत्रपों को प्राथमिकता दी गई है।
नितिन नवीन और शिवेश कुमार पर भरोसा

बिहार की खाली हो रही पांच सीटों में से भाजपा ने दो उम्मीदवारों के नाम तय किए हैं। पार्टी ने अपने वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष और पटना की बांकीपुर सीट से पांच बार के विधायक नितिन नवीन को राज्यसभा भेजने का निर्णय लिया है। उनके साथ ही युवा नेता शिवेश कुमार को भी उम्मीदवार बनाया गया है। नितिन नवीन की स्वच्छ छवि और सांगठनिक पकड़ को देखते हुए यह फैसला अहम माना जा रहा है।

भारतीय जनता पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने विभिन्न प्रदेशों में होने वाले राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनाव हेतु निम्नलिखित नामों पर अपनी स्वीकृति प्रदान की है। pic.twitter.com/38I3mo5KMb — BJP (@BJP4India) March 3, 2026

अनुभवी चेहरों को तरजीह    

हरियाणा: भाजपा ने यहां से संजय भाटिया को अपना प्रत्याशी बनाया है। प्रशासनिक अनुभव रखने वाले भाटिया की गिनती मुख्यमंत्री के करीबियों और पार्टी के रणनीतिकारों में होती है।

छत्तीसगढ़: महिला मोर्चा की सक्रिय नेता लक्ष्मी वर्मा को उम्मीदवार बनाया गया है। राज्य में भाजपा सरकार होने के कारण लक्ष्मी वर्मा की जीत लगभग तय मानी जा रही है।

असम,ओडिशा और बंगाल का समीकरण

भाजपा ने पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए इन नामों पर मुहर लगाई है:

असम: राज्य सरकार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके तेराश गोवाला और जोगेन मोहन को टिकट दिया गया है। असम की तीन खाली सीटों पर भाजपा अपनी बढ़त बनाए रखना चाहती है।
    
ओडिशा: वरिष्ठ नेता मनमोहन समल और सुजीत कुमार को मैदान में उतारा गया है। राज्य की सत्ता में होने के कारण भाजपा के लिए यहाँ की राह आसान है।
    
पश्चिम बंगाल: पार्टी के कद्दावर नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राहुल सिन्हा को उम्मीदवार बनाया गया है। बंगाल में संगठन को धार देने के लिए सिन्हा को उच्च सदन भेजा जा रहा है।

जीत का गणित और आगामी चुनौती

राज्यसभा में देशभर की कुल 37 खाली सीटों के लिए होने वाले इस चुनाव में भाजपा ने अपने कोर वोट बैंक और जातीय समीकरणों को साधने की कोशिश की है। छत्तीसगढ़, ओडिशा और हरियाणा जैसे राज्यों में भाजपा की अपनी सरकारें हैं, जिससे पार्टी के उम्मीदवारों का उच्च सदन पहुंचना तय माना जा रहा है।

 

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