छात्रों को राहत! डिप्लोमा धारकों को अब 12वीं के बराबर मिलेगा फायदा

मध्य प्रदेश राज्य

भोपाल
स्टूडेंट्स को बड़ी राहत मिल गई है। अब 10वीं के बाद किए डिप्लोमा कोर्स को अब 12वीं कक्षा के समकक्ष मान्यता दर्जा मिलेगा। इससे छात्रों को इंजीनियरिंग, एमबीए कॉलेजों में आसानी से प्रवेश मिल सकेगा।

यह निर्णय राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) की गुरुवार को हुई एकेडमिक काउंसिल की बैठक में लिया गया। साथ ही जबलपुर के प्रतिष्ठित संस्थान टीआइटी जबलपुर और ज्ञानगंगा जबलपुर को ऑटोनोमस (स्वायत्त) का दर्जा प्रदान किया गया। बैठक में शोध के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण निर्णय हुए।

उठाया गया महत्वपूर्ण कदम
कुल 23 पीएचडी स्कॉलर्स की डिग्री पर अंतिम मुहर लगाई गई। वहीं 20 शोधार्थियों को यूजीसी पीएचडी फेलोशिप प्रदान करने पर सहमति बनी। इसके अलावा इंजीनियरिंग, एमबीएम सहित अन्य संबद्ध कॉलेजों की मान्यता और संबद्धता की समीक्षा की गई, जिन्हें निरंतरता देते हुए मान्यता बहाल रखने का निर्णय लिया गया। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, यह फैसले तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और छात्रों को बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
 
छात्रों को यह होगा फायदा
    उच्च शिक्षा में प्रवेश आसान: डिप्लोमा धारक अब 12वीं के समकक्ष पात्र माने जाएंगे।
    प्रतियोगी परीक्षाओं में अवसर: कई सरकारी एवं निजी नौकरियों के लिए पात्रता आसान होगी।
    बेहतर पाठ्यक्रम: ऑटोनोमस कॉलेज उद्योग आधारित सिलेबस लागू कर सकेंगे।
    शोध को बढ़ावा: पीएचडी डिग्री और फेलोशिप से रिसर्च संस्कृति मजबूत होगी।
    मान्यता की निरंतरता: संबद्ध कॉलेजों की स्थिरता से छात्रों का भविष्य सुरक्षित रहेगा।

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry